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भुवनेश्वर के पर्सनल ट्रेनर सूर्या यादव के मुताबिक, चोट से बचने और ताकत बढ़ाने के लिए भुवी को भारी वजन उठाने की आदत डालनी पड़ी।- फाइल फोटो
आईपीएल 2026 में स्विंग के सुल्तान 36 वर्षीय भुवनेश्वर कुमार ने 28 विकेट झटके, जो किसी भी भारतीय गेंदबाज द्वारा सबसे ज्यादा हैं। उनकी इस उम्र को मात देने वाली परफॉर्मेंस के पीछे कोई जादू नहीं, बल्कि जिम में बहाया गया पसीना, भारी वजन उठाना (वेटलिफ्टिंग) और गजब का अनुशासन है।
एक समय था जब लगातार चोटों (कमर, घुटने और टखने) की वजह से भुवी का इंटरनेशनल करियर थम सा गया था। तीन साल पहले उनके शरीर में फैट 20% के करीब था। लेकिन आज, 36 साल की उम्र में उनका फैट प्रतिशत घटकर सिर्फ 13-14% रह गया है। हालांकि, उन्होंने अपने शरीर का फैट तो कम किया, लेकिन वजन नहीं। उनका वजन आज भी 73-74 किलो है, जिसका मतलब है कि उन्होंने फैट को मसल (मांसपेशियों) में बदला है। इसी ताकत और लीन बॉडी की वजह से पिछले तीन सालों से वे लगातार बिना चोटिल हुए पूरा सीजन खेल रहे हैं।
भुवनेश्वर के पर्सनल ट्रेनर सूर्या यादव के मुताबिक, चोट से बचने और ताकत बढ़ाने के लिए भुवी को भारी वजन उठाने की आदत डालनी पड़ी। पहले भुवी सिर्फ 40 किलो वजन के साथ स्क्वैट्स करते थे। लेकिन अब उनकी ताकत दोगुनी हो गई है और वे आसानी से 110-120 किलो वजन उठा लेते हैं। भारी वजन उठाने और फिटनेस सुधारने का सीधा असर उनकी गेंदबाजी पर दिखा है।
इस सीजन के फाइनल में भुवी की स्पीड लगभग 139-140 kmph तक पहुंच गई थी। भुवी हमेशा से अपनी इनस्विंग और आउटस्विंग के लिए जाने जाते हैं। लेकिन इस बार उन्होंने एक नया हथियार ‘वॉबल सीम’ जोड़ा। गेंद सीधी लाइन में आकर दोनों तरफ स्विंग होती है। भुवी ने अपनी सबसे बड़ी ताकत ‘बैकस्पिन’ को भी वापस पा लिया है।
एक फिट शरीर के लिए सिर्फ जिम नहीं, डाइट भी जरूरी है। अब भुवी मिठाइयों से पूरी तरह दूर रहते हैं और अपने शरीर के वजन से दोगुना प्रोटीन लेते हैं। उनकी डाइट में प्रोटीन बार, प्रोटीन शेक, घर के बने चीले और जरूरत पड़ने पर अंडे शामिल हैं। सोशल मीडिया की चकाचौंध से दूर रहने वाले भुवनेश्वर कुमार रोजाना 5 से 7 घंटे क्रिकेट और फिटनेस को देते हैं। इसी कड़ी मेहनत का नतीजा है कि आज एक बार फिर से टीम इंडिया में उनकी वापसी की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
दिन में डेढ़ घंटा बैटिंग प्रैक्टिस भी, बुखार में भी नहीं छोड़ा मैदान
भुवी बल्लेबाजी पर भी खूब मेहनत कर रहे हैं। मुंबई इंडियंस के खिलाफ पहली गेंद पर ही छक्के ने उनकी टीम को रोमांचक जीत दिलाई। वे हर दिन 1 से 1.5 घंटे सिर्फ बैटिंग की प्रैक्टिस करते हैं। यूपी टी20 लीग का एक किस्सा उनकी लगन को दर्शाता है। उनकी पूरी टीम वायरल की चपेट में थी और भुवी को मैदान पर ही ग्लूकोज चढ़ानी पड़ी। ट्रेनर ने आराम करने को कहा, लेकिन अगले दिन वे मैच खेलने के लिए तैयार थे। उनका जवाब था ‘मुझे क्रिकेट से प्यार है, बॉलिंग से प्यार है। इसलिए मैं खेलता हूं।’
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