देश में बीएड डिग्री वाले प्राइमरी शिक्षकों को अपनी नौकरी को बचाने के लिए 31 जनवरी तक का समय दिया गया था। जो प्राइमरी शिक्षक 28 जून 2018 को NCTE की ओर से जारी किए गए नोटिफिकेशन के आधार पर नियुक्त किए गए थे। अगर यह प्राइमरी शिक्षक पोर्टल पर 6 महीने के ब्रिज कोर्स के लिए अप्लाई कर देंगे, तो उनके पास इस कोर्स को पूरा करके अपनी नौकरी को बचाने का मौका मिलेगा। बता दें कि फिलहाल बाद में नियुक्त हुए बीएड डिग्री वाले शिक्षकों को राहत है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम इसके नियम और इस कोर्स के बारे में बताने जा रहे हैं।
किस मोड में होगा कोर्स
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन से लेकर एलिजिबिलिटी शर्तों को पूरा करने के बाद उम्मीदवार का रजिस्ट्रेशन हो जाता है। साथ ही उनको स्टडी मैटेरियल भी मिल जाता है। बता दें कि यह कोर्स ऑनलाइन डिस्टेंस लर्निंग मोड में होगा। इसमें लाइव वीडियो लेक्चर भी होंगे और यह कोर्स करने वाले कैंडिडेट्स की 90% अटेंडेंस जरूरी हैं। इसके बाद असेसमेंट प्रोसेस भी होगा। परीक्षा के बाद डाइट गवर्नमेंट इंटर कॉलेज असेसमेंट होगा। यह प्रोसेस 10 दिन का होगा।
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इसमें उम्मीदवार को कम से कम 75% स्कोर करना जरूरी है। ब्रिज कोर्स को एक साल के अंदर कई लेवल की चर्चाओं के बाद तैयार किया गया है। इसमें प्राइमरी शिक्षकों के लिए सभी जरूरी कंपोनेंट को शामिल किया गया है।
यह कोर्स उन कैंडिडेट्स के लिए होगा, जो एनसीटीई के नोटिफिकेशन की डेट 28 जून 2018 से लेकर 11 अगस्त 2023 को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के पहले जितने बीएड डिग्री वाले प्राइमरी शिक्ष के पद पर नियुक्त किए गए हैं। इसके बाद जिनकी नियुक्ति हुई है, उन बीएड डिग्री होल्डर पर यह नियम नहीं लागू होगा। यह प्रोसेस सिर्फ एक बार के लिए है।
NCTE के चेयरमैन के अनुसार, सभी राज्यों से यह कहा गया है कि वह अपने यहां पर नियुक्त हुए ऐसे बीएड डिग्री होल्डर प्राइमरी शिक्षकों को ब्रिज कोर्स के रजिस्ट्रेशन के लिए बोलें।
ब्रिज कोर्स के लिए प्राइमरी टीचर ने किया रजिस्ट्रेशन
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभी तक 69,281 इन सर्विस प्राइमरी शिक्षकों ने ब्रिज कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन किया है। जिसमें से उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा 34,602, मध्य प्रदेश से 10,872, बिहार से 8,057, हिमाचल प्रदेश से 487, पश्चिम बंगाल से 6,647 और दिल्ली से 261 शिक्षकों ने कोर्स के लिए अप्लाई किया है।
जानिए क्या है पूरा मामला
एनसीटीई ने 28 जून 2018 को नोटिफिकेशन में कहा था कि बीएड डिग्री वाले भी प्राइमरी शिक्षक के लिए एलिजिबल माने जाएंगे। जिसके बाद देशभर में नियुक्तियां हुई थीं। फिर प्राइमरी टीचर्स के संगठन ने इस फैसले को जोधपुर हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जहां पर NCTE के इस नोटिफिकेशन को खारिज कर दिया गया था। लेकिन फिर जिन बीएड डिग्री वाले शिक्षकों को नौकरी मिली थी, उन्होंने हाईकोर्ट के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
बता दें कि 11 अगस्त 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में यह अपील की गई थी और तर्क दिया गया था कि साल 2018 से 2023 के बीच बीएड डिग्री वाले जिन प्राइमरी शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, उनकी नियुक्ति को बहाल रखा जाए। साथ ही भविष्य में बीएड वालों को प्राइमरी शिक्षक नियुक्त नहीं जाने का फैसला लागू हो। इस अपील को सुप्रीम कोर्ट ने मंजूर किया था और 08 अप्रैल 2024 को निर्देश दिया कि NCTE इन शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स बनाएं। जिससे कि प्राइमरी शिक्षकों के लिए जरूरी शैक्षणिक पद्धतियों की जानकारी उनको मिल सके।
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