इंग्लैंड की टी20 लीग द हंड्रेड की नीलामी में पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदे जाने के बाद भारत में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. इस मामले में अब BCCI ने अपनी स्थिति साफ कर दी है. बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि विदेशी लीग के फैसलों में बीसीसीआई का कोई अधिकार नहीं है, इसलिए वह इस मामले में दखल नहीं दे सकता.
दरअसल, द हंड्रेड के पुरुष खिलाड़ियों की नीलामी में सन ग्रुप के स्वामित्व वाली टीम सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद को 1,90,000 पाउंड (करीब 2.34 करोड़ रुपये) में खरीदा था. इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर काफी बहस शुरू हो गई, क्योंकि यह पहली बार है जब किसी भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी ने किसी सक्रिय पाकिस्तानी खिलाड़ी को अपनी टीम में शामिल किया है.
क्या बोले राजीव शुक्ला?
इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए राजीव शुक्ला ने साफ कहा कि बीसीसीआई का अधिकार केवल भारत के घरेलू क्रिकेट और IPL तक सीमित है. उन्होंने कहा कि विदेशी लीग में खिलाड़ी किसे खरीदना है या किसे नहीं, इसका फैसला संबंधित फ्रेंचाइजी और लीग प्रबंधन का होता है.
शुक्ला ने कहा, “हम इस मामले में कुछ नहीं कर सकते हैं. यह पूरी तरह विदेशी लीग का विषय है. सनराइजर्स लीड्स की मैनेजमेंट ही इस बारे में फैसला ले सकता है.” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बीसीसीआई को विदेशी लीग में खिलाड़ियों की खरीद-फरोख्त से कोई लेना-देना नहीं है.
सोशल मीडिया पर उठा विवाद
अबरार अहमद को खरीदने के बाद कई भारतीय क्रिकेट फैंस ने सोशल मीडिया पर टीम और उसकी मालिक काव्या मारन की आलोचना शुरु कर दी है. कुछ लोगों ने पुराने बयानों का हवाला देते हुए इस फैसले पर सवाल भी उठाए. इसी विवाद के बीच सनराइजर्स लीड्स का आधिकारिक एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट कुछ समय के लिए सस्पेंड भी हो गया, जिससे मामला और चर्चा में आ गया.
नीलामी में बिकने वाले पाकिस्तानी खिलाड़ी
द हंड्रेड की नीलामी में अबरार अहमद के अलावा स्पिनर उस्मान तारिक को भी बर्मिंघम फीनिक्स ने 1,40,000 पाउंड (करीब 1.72 करोड़ रुपये) में अपने टीम में शामिल किया है. हालांकि इस टीम का आईपीएल से कोई संबंध नहीं है.
गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक तनाव के कारण आईपीएल में पाकिस्तानी खिलाड़ियों को 2008 के बाद से जगह नहीं मिली है. ऐसे में किसी भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदना चर्चा का विषय बन गया है. अब देखना होगा कि यह विवाद आने वाले दिनों में किस दिशा में जाता है.
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