वेपिंग और ई-सिगरेट पर पूरी तरह बैन
रियान पराग के ड्रेसिंग रूम में वेपिंग (ई-सिगरेट) करने वाले मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए BCCI ने स्पष्ट किया है कि टूर्नामेंट के वेन्यू, होटल और ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पूरी तरह प्रतिबंधित है। निर्देश में कहा गया है कि ई-सिगरेट पीना न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि यह भारतीय कानून के तहत एक संज्ञेय अपराध भी हो सकता है।
बोर्ड ने साफ कर दिया है कि अगर कोई खिलाड़ी या स्टाफ प्रतिबंधित पदार्थों का सेवन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फ्रेंचाइजी मैनेजमेंट को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने हर सदस्य को इस बारे में कड़ाई से सूचित करें।
फ्रेंचाइजी मालिकों के लिए भी सख्त कानून
बोर्ड ने फ्रेंचाइजी मालिकों के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई है। कुछ मालिक लाइव मैच के दौरान खिलाड़ियों से बातचीत करने, उन्हें गले लगाने या डगआउट और ड्रेसिंग रूम में जाने की कोशिश करते पाए गए। बीसीसीआई ने इसे साफ तौर पर प्रोटोकॉल उल्लंघन बताया है। अब मैच के दौरान किसी भी फ्रेंचाइजी मालिक या उनके प्रतिनिधि को खिलाड़ियों व टीम अधिकारियों से सीधे संपर्क करने की अनुमति नहीं होगी। उन्हें ‘प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एक्सेस (PMOA)’ प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा।
क्या होता है PMOA प्रोटोकॉल?
क्या होता है हनी ट्रैप?
अब सवाल उठता है कि आखिर ये ‘हनी ट्रैप’ होता क्या है? अगर आपको भी नहीं पता तो उसका जवाब हम लेकर आए हैं। हनी ट्रैप एक जासूसी या आपराधिक प्रकिया है। जिसके तहत खास व्यक्ति को प्रेम, शारीरिक आकर्षण या रोमांटिक रिश्तों का लालच देकर फंसाया जाता है। मुख्य रूप से इसका प्रयोग किसी शख्स को ब्लैकमेल करने, पैसा ठगने या गोपनीय/संवेदनशील जानकारी को उगलवाने लिए होता है।
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