बार्सिलोना की चैंपियंस लीग से बाहर होने के बाद क्लब के भीतर नाराजगी खुलकर सामने आने लगी है। मुकाबले के बाद अब क्लब प्रबंधन ने भी रेफरिंग पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
बता दें कि एफसी बार्सिलोना के अध्यक्ष पद के लिए चुने गए जोआन लापोर्टा ने एटलेटिको मैड्रिड के खिलाफ खेले गए मुकाबले में रेफरी और वीडियो समीक्षा प्रणाली पर कड़ी आपत्ति जताई है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, लापोर्टा ने कहा कि मैच में रेफरिंग का स्तर बेहद खराब रहा और इससे टीम को बड़ा नुकसान हुआ। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि रेफरी और वीडियो तकनीक द्वारा लिए गए फैसले स्वीकार करने योग्य नहीं थे।
गौरतलब है कि इससे पहले टीम के खिलाड़ी राफिन्हा भी रेफरिंग को लेकर नाराजगी जता चुके हैं और उन्होंने टीम के साथ अन्याय होने की बात कही थी।
लापोर्टा के अनुसार, पहले चरण में भी कई फैसले बार्सिलोना के खिलाफ गए थे, जिसमें एक पेनल्टी और खिलाड़ी को लाल कार्ड दिखाने का मामला शामिल है। उनका कहना है कि कई अहम मौकों पर गलत निर्णय लिए गए, जिनका सीधा असर मैच के नतीजे पर पड़ा।
मौजूद जानकारी के अनुसार, क्लब प्रबंधन का मानना है कि एक गोल को गलत तरीके से खारिज किया गया और पेनल्टी के कुछ मामलों में भी अनदेखी की गई। साथ ही, एक खिलाड़ी के साथ हुए फाउल पर भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर सवाल उठाए गए हैं।
गौरतलब है कि बार्सिलोना ने पहले भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उसे खारिज कर दिया गया था। अब क्लब एक बार फिर से यूरोपीय फुटबॉल संस्था के सामने शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में है।
लापोर्टा ने कहा कि क्लब केवल यह जानना चाहता है कि उनकी शिकायत को अस्वीकार क्यों किया गया। उनका मानना है कि इस तरह के फैसले फुटबॉल की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस विवाद के बाद रेफरिंग और वीडियो तकनीक के इस्तेमाल को लेकर फिर से बहस तेज हो सकती है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.