- Hindi News
- Jeevan mantra
- Dharm
- Avdheshanand Giri Maharaj Life Lesson. Knowledge Reveals The Truth; Giving Up Our Own Comforts And Conveniences To Help Others Is A Distinctive Feature Of Our Culture.
- कॉपी लिंक
भारतीय संस्कृति परोपकार और दूसरों के सुख के लिए त्याग करने की सीख देती है। इसमें दूसरों की भलाई को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। हमारी परंपरा दान, सेवा और सहयोग की भावना पर आधारित है। अपनी सुख-सुविधाओं का त्याग करके दूसरों की सहायता करना हमारी संस्कृति की विशेषता है। अतिथि को देवता मानकर उसका सम्मान करना और उसकी सेवा करना हमारे संस्कारों का महत्वपूर्ण अंग है। दूसरों के सम्मान, सुरक्षा और उत्थान के लिए निस्वार्थ भाव से किया गया काम ही यज्ञ कहलाता है।
आज जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद जी गिरि के जीवन सूत्र में जानिए ईश्वर की कृपा कैसे मिल सकती है?
आज का जीवन सूत्र जानने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
