ज्यादातर कार मालिक सर्विस के नाम पर डराए जाते हैं. सर्विस सेंटर वाले अक्सर सेफ्टी और गाड़ी की लाइफ का हवाला देकर ऐसे काम बिल में जोड़ देते हैं जिनकी जरूरत ही नहीं होती. अगर आप थोड़ी समझदारी दिखाएं और कुछ गैर-जरूरी सर्विस को मना करना सीख लें, तो आप अपना बिल 40 से 50 प्रतिशत तक कम कर सकते हैं. आइए जानते हैं कि कहां पर पैसा बचाया जा सकता है.
1. इंजन फ्लशिंग का झांसा
सर्विस सेंटर वाले अक्सर कहेंगे कि इंजन के अंदर कचरा जमा हो गया है और इसे साफ करने के लिए इंजन फ्लश जरूरी है. अगर आप अपनी कार की सर्विस समय पर कराते हैं और सही ग्रेड का ऑयल इस्तेमाल करते हैं, तो इंजन फ्लश की कोई जरूरत नहीं होती है. मॉडर्न लुब्रिकेंट्स में पहले से ही डिटर्जेंट होते हैं. इस झांसे में नहीं आए, तो लगभग 800 से 1,500 रुपये की बचत हो सकती है.
2. व्हील बैलेंसिंग और अलाइनमेंट
सर्विस सेंटर पर ये काम बाजार की तुलना में दोगुने रेट पर किया जाता है. सर्विस सेंटर वाले इसके लिए भारी लेबर चार्ज और वेट्स (Weights) का पैसा वसूलते हैं. यही काम आप बाहर किसी स्पेशलाइज्ड टायर शॉप से आधे दाम पर और बेहतर मशीनरी के साथ करवा सकते हैं. इस प्रोसेस को स्किप करके लगभग 1,000 से 1,800 रुपये तक बचाए जा सकते हैं.
3. एंटी-रस्ट कोटिंग और टेफ्लॉन कोटिंग
नई कार के साथ ये एक बड़ा स्कैम होता है. एडवाइज़र कहेगा कि आपकी गाड़ी में जंग लग जाएगी या पेंट खराब हो जाएगा. आजकल की ज्यादातर कारों में कंपनी से ही अंडरबॉडी प्रोटेक्शन और अच्छी क्वालिटी की पेंट फिनिश आती है. सालाना टेफ्लॉन कोटिंग करवाना महज पैसे की बर्बादी है. अगर करवानी ही है, तो प्रोफेशनल डिटेलिंग शॉप्स से करवाएं, सर्विस सेंटर से नहीं. ऐसे में आप 3,000 से 6,000 रुपये तक बचा सकेंगे.
4. नाइट्रोजन हवा और वाइपर फ्लूइड
बिल में अक्सर 50-100 रुपये वाइपर फ्लूइड के नाम पर जोड़ दिए जाते हैं, जो असल में सिर्फ साबुन का पानी होता है. इसी तरह नाइट्रोजन के नाम पर भी पैसे वसूले जाते हैं. आप घर पर शैम्पू और पानी मिलाकर वाइपर टैंक में डाल सकते हैं. नाइट्रोजन के लिए भी सर्विस सेंटर को भारी पैसे देने की जरूरत नहीं है. इस तरह 200 से 400 रुपये तक और बच जाएंगे.
5. ब्रेक क्लीनिंग और कैलीपर ग्रीसिंग
यह एक और छिपा हुआ चार्ज है, जिसे लेबर कॉस्ट में जोड़ दिया जाता है. रूटीन सर्विस में ब्रेक की जांच शामिल होती है. इसके लिए अलग से क्लींनिंग चार्ज देना तर्कसंगत नहीं है जब तक कि ब्रेक में कोई गंभीर समस्या न हो. अगर आपके बिल में ऐसा कोई चार्ज जोड़ दिया गया है, तो उसे हटाकर 500 से 800 रुपये की बचत की जा सकती है.
हमारी सलाह: कार की सर्विसिंग आपकी सुरक्षा के लिए जरूरी है, लेकिन गैर-जरूरी वैल्यू ऐडेड सर्विसेज के बोझ तले दबना समझदारी नहीं है. अगली बार जब आप सर्विस सेंटर जाएं, तो एडवाइजर की बातों में आने के बजाय अपनी कार की वास्तविक जरूरत और मैनुअल पर भरोसा करें. याद रखें, सर्विस सेंटर एक बिजनेस है और उसका लक्ष्य मुनाफा कमाना है. ऊपर बताए गए टिप्स को अपनाकर आप हजारों रुपये बचा सकेंगे.
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.