हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की दिग्गज एक्ट्रेस मीना कुमारी की 01 अगस्त को जन्म हुआ था। मीना कुमारी को ‘ट्रैजडी क्वीन’ कहा जाता था। उनका जीवन दुखों से भरा था और अंत भी दर्दनाक रहा था। एक्ट्रेस ने कम उम्र में ही फिल्मों में काम करना शुरूकर दिया था। जिम्मेदारियों के कारण मीना न तो अपना बचपन जी पाईं और न दी जवानी। वहीं जब वह सफल एक्ट्रेस बन गईं, तो उनको शराब की लत लग गई। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर एक्ट्रेस मीना कुमारी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में
जन्म और परिवार
मीना कुमारी की जन्म 10 अगस्त 1933 को हुआ था। इनके पिता का नाम अली बक्स और मां का नाम इकबाल बेगम था। मीना के पैदा होने पर उनके पिता उन्हें अनाथालय में छोड़ दिया, क्योंकि वह बेटा चाहते थे। लेकिन कुछ घंटों बाद उनके पिता उनको वापस ले गए।
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पहली फिल्म
मीना को कभी फिल्मों का शौक नहीं रहा। लेकिन उनके माता-पिता काम के मौके पर उनको फिल्म स्टूडियो ले जाया करते थे। मीना कुमारी को निर्देशक विजय भट्ट ने फिल्म ‘लेदरफेस’ में कास्ट किया। इसके लिए उनको 25 रुपए मिले थे। जोकि मीना कुमारी की पहला फिल्मी कमाई थी। इसके बाद उन्होंने ‘अधूरी कहानी’, ‘एक ही भूल’ और ‘पूजा’ जैसी फिल्मों में काम किया।
फिल्मों में एक्टिंग के अलावा मीना कुमारी ने गाने भी गाए थे। इनमें ‘पिया घर आजा’, ‘दुनिया एक सराय’ और ‘बिछड़े बालम’ आदि शामिल हैं। वहीं साल 1940 के आखिरी तक एक्ट्रेस ने अपना ध्यान काल्पनिक या पौराणिक फिल्मों की ओर कर दिया था। लेकिन एक्ट्रेस को असली पहचान फिल्म ‘बैजू बावरा’ से मिली थी। एक्ट्रेस को ‘आरती’, ‘पाकीजा’, ‘साहिब बीबी और गुलाम’, ‘परिणीता’, ‘मैं चुप रहूंगी’, और ‘सांझ और सवेरा’ जैसी फिल्मों के लिए याद किया जाता है।
मृत्यु
जीवन में इतना सफल होने के बाद भी मीना कुमारी के जीवन के कीमती साल गरीबी और परेशानी में बीते। उन्होंने अपने जीवन में जिससे भी प्यार किया, अंत में सबने उनका साथ छोड़ दिया था। वहीं 31 मार्च 1972 में 38 साल की उम्र में एक्ट्रेस मीना कुमारी ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया था।
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