अनंत मुकेश अंबानी ने कोलंबिया से 80 दरियाई घोड़ों को मारने की योजना को स्थगित करने की अपील की है। इसके बजाय, उन्होंने इन जानवरों को भारत में अपनी वन्यजीव सुविधा वनतारा में स्थानांतरित करने की अनुमति मांगी है। उन्होंने इस पूरे अभियान के वित्तपोषण और क्रियान्वयन की पेशकश भी की है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक और वनतारा के संस्थापक अंबानी ने कोलंबिया की पर्यावरण मंत्री आइरीन वेलेज टोरेस को लिखे एक पत्र में मैग्डेलेना नदी घाटी से गुजरात के जामनगर तक इन दरियाई घोड़ों (हिप्पोपोटामस) के वैज्ञानिकों की अगुवाई में स्थानांतरण का प्रस्ताव दिया है।
दुनिया के सबसे बड़े वन्यजीव बचाव, देखभाल और संरक्षण केंद्रों में से एक वनतारा ने एक बयान में कहा कि अंबानी ने औपचारिक रूप से कोलंबिया सरकार से इस निर्णय को रोकने और एक मानवीय विकल्प पर विचार करने के लिए कहा है। इसके तहत एक सुरक्षित, वैज्ञानिक नेतृत्व वाला स्थानांतरण किया जाएगा, जो इन 80 जानवरों को जामनगर, गुजरात में वनतारा के स्थाई घर में ले आएगा।
कोलंबियाई अधिकारियों ने हाल ही में 80 दरियाई घोड़ों को घातक तरीके से हटाने (मारने) की मंजूरी दी है। ये उन जानवरों का हिस्सा हैं, जिन्हें 1980 के दशक में लाया गया था। अब तेजी से बढ़ती इनकी आबादी को जैव विविधता और स्थानीय समुदायों के लिए जोखिम के कारण आक्रामक श्रेणी में वर्गीकृत किया गया है।
उद्योगपति मुकेश अंबानी के सबसे छोटे बेटे अनंत अंबानी ने कहा कि वनतारा इन जानवरों के लिए पशु चिकित्सा विशेषज्ञता और जीवन भर देखभाल की सुविधा देगा। इसके लिए उनके प्राकृतिक आवास की नकल करते हुए विशेष रूप से एक सुविधा तैयार की गई है।
अंबानी ने कहा, इन अस्सी दरियाई घोड़ों ने यह नहीं चुना था कि उनका जन्म कहां होगा और न ही उन्होंने वो परिस्थितियां पैदा की हैं, जिनका वे अब सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, वे जीवित और संवेदनशील प्राणी हैं, और यदि हमारे पास सुरक्षित और मानवीय समाधान के माध्यम से उन्हें बचाने की क्षमता है, तो यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम प्रयास करें।
इस प्रस्ताव में कोलंबिया से आग्रह किया गया है कि जब तक अधिकारी स्थानांतरण योजना की समीक्षा करते हैं, तब तक वे उन्हें मारने की योजना को टाल दें। किसी भी स्थानांतरण के लिए कोलंबिया और भारत सरकार के साथ ही संबंधित अंतरराष्ट्रीय निकायों से मंजूरी की आवश्यकता होगी।
मैग्डेलेना घाटी में लगभग 200 दरियाई घोड़ों के होने का अनुमान है। इनकी अनियंत्रित वृद्धि ने पर्यावरणीय और सुरक्षा संबंधी चिंताएं पैदा की हैं। इसने उन्हें मारने बनाम वैकल्पिक जनसंख्या नियंत्रण उपायों पर बहस छेड़ दी है।
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