म्यूचुअल फंड निकाय एम्फी ने निवेशक के निधन के बाद निवेश हस्तांतरण की प्रक्रिया को आसान बनाते हुए नाम, पते एवं हस्ताक्षर में असंगति से जुड़े नियमों में ढील दी है। संशोधित प्रावधान तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं।
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का उद्देश्य परिचालन संबंधी बाधाओं को कम करना और मृत यूनिटधारकों के नामित व्यक्तियों को म्यूचुअल फंड निवेश राशि का दावा करने की प्रक्रिया को सरल बनाना है।
नए प्रावधानों के तहत, पते में अंतर होने की स्थिति में म्यूचुअल फंड योजनाएं संचालित करने वाली परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियां (एएमसी) संबंधित दस्तावेजों के आधार पर मृत निवेशक के उपलब्ध नवीनतम पते को स्वीकार कर सकती हैं।
इसके अलावा, नाम और हस्ताक्षर में असंगति के मामलों के समाधान के लिए एकसमान ढांचा अपनाया गया है। एएमसी अब रजिस्ट्रार एवं ट्रांसफर एजेंट (आरटीए) के लिए निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप मामूली और बड़े अंतर के मामलों का निपटारा कर सकेंगी।
एम्फी ने कहा कि यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब नामित व्यक्तियों एवं कानूनी उत्तराधिकारियों को दस्तावेजों में मामूली अंतर के कारण हस्तांतरण प्रक्रिया पूरी करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
उद्योग निकाय ने कहा कि संशोधित एसओपी सभी सदस्य एएमसी को भेज दी गई है और इसका पालन तुरंत शुरू हो गया है।
समान रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण पहल भी की जाएगी।
एम्फी के अनुसार, ये बदलाव निवेशकों के हितों की रक्षा और शोकग्रस्त परिवारों के लिए दावे की प्रक्रिया को कम जटिल बनाने के नियामकीय प्रयासों के अनुरूप हैं।
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