मिडिल ईस्ट में इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान पर किए गए हमले के बाद अब पूरा खाड़ी देश इस जंग की जद में आ चुका है. ईरान में हुए हमले में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर भारत ने संतुलित प्रतिक्रिया दी है. हलांकि भारत ने तेहरान की ओर से खाड़ी देशों पर किए गए हमले की निंदा की और पश्चिम एशिया में संयम और बतचीत के जरिए तनाव कम करने का आह्वान किया. खामेनेई की मौत पर पीएम मोदी की चुप्पी पर कांग्रेस केंद्र पर हमलावर है.
कश्मीर को लेकर खामेनेई ने बोली थी पाकिस्तान की भाषा
अयातुल्ला अली खामेनेई ने पिछले 10 सालों के दौरान भारत के आंतरिक मामलों पर कई बार बयान दिया था, जिसका नई दिल्ली ने राजनयिक विरोध दर्ज कराया था. उन्होंने कश्मीरी मुस्लिम, आर्टिकल 370, सीएए (CAA) समते कई मुद्दों पर भारत के खिलाफ बयान दिया था. साल 2017 में खामेनेई ने कश्मीर के मुसलमानों को पीड़ित बताया था और मुस्लिम देशों से उनके लिए समर्थन जुटाने का आह्वान किया था. उनका यह बयान पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा जैसा था. उस समय भारत ने कश्मीर को लेकर कोई नई नीति नहीं अपनाई थी.
धारा 370 और CAA को लेकर दिया था विवादित बयान
भारत सरकार ने 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 को निरस्त किया था. तब खामेनेई ने भारत से कश्मीर पर न्यायपूर्ण नीति अपनाने की मांग की थी, जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने ईरानी राजदूत को तलब किया था. इसके बाद साल 2020 में दिल्ली दंगे और सीएए को लेकर उन्होंने भड़काऊ बयान दिया था. जनवरी 2020 में नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) पर हुई बहस के दौरान, ईरान के संसद अध्यक्ष ने इस कानून की आलोचना करते हुए इसे मुस्लिम विरोधी भेदभाव बताया था, जिसे भारत ने आंतरिक हस्तक्षेप करार देते हुए खारिज कर दिया.
साल 2020 में दिल्ली दंगे के बीच खामेनेई ने #IndianMuslimsInDanger हैशटैग का इस्तेमाल किया. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कहा, ‘भारत में मुसलमानों के नरसंहार से दुनिया भर के मुसलमानों के दिल शोक में डूबे हुए हैं. भारत सरकार को चरमपंथी हिंदुओं और उनके ग्रुप का सामना करना चाहिए और मुसलमानों के नरसंहार को रोकना चाहिए ताकि भारत को इस्लामी दुनिया से अलग-थलग होने से बचाया जा सके.’ इसके बाद MEA ने फिर से ईरानी राजदूत को तलब किया था.
खामेनेई के बयान पर भारत ने जताया था विरोध
खामेनेई ने साल 2024 में एक पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने भारत को म्यांमार और गाजा के साथ जोड़ा था. तब भारतीय विदेश मंत्रालय ने उनके बयान को गलत और अस्वीकार्य बताया था. इस ट्वीट को 27 लाख लोगों ने देखा. इन सभी मौकों पर खामेनेई की ओर से दिए गए बयान पर भारत ने विरोध दर्ज किया था.
खामेनेई की मौत पर दुनिया की प्रतिक्रिया
अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद दुनियाभर से मिली-जुली प्रतिक्रियां देखने को मिल रही है. इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) के 57 देशों में से 10 देशों ने भी खामेनेई की मौत पर सार्वजनिक रूप रूप से शोक व्यक्त नहीं किया. ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, इजरायल, अर्जेंटीना, यूक्रेन जैसे देशों ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है. वहीं रूस, चीन, उत्तर कोरिया, तुर्किए जैसे देशों ने अमेरिका-इजरायल के हमलों की निंदा की है.
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