भारत सरकार अब ग्रामीण इलाकों में योजनाओं को जमीन पर सही तरीके से लागू करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर रही है. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) में अब कागजी सर्वे की जगह डिजिटल सर्वे हो रहा है. पहले ऐप के जरिये घर की फोटो ली जाती है, जिसमें जगह और समय की जानकारी भी जुड़ी होती है.
तस्वीरों को कैसे AI सिस्टम चेक करता है?
इन तस्वीरों को AI सिस्टम चेक करता है ताकि पता चल सके कि दावा सही है या फर्जी. इससे गलत तरीके से योजना का फायदा लेने वालों पर रोक लग रही है. सरकार का कहना है कि इस सिस्टम में फेस ऑथेंटिकेशन और आई-ब्लिंक डिटेक्शन जैसे फीचर जोड़े गए हैं ताकि यह पक्का हो सके कि योजना का लाभ सही व्यक्ति को ही मिल रहा है.
ग्राम पंचायत के कामकाज में अपग्रेड की जाएगी नई तकनीक
इस डिजिटल जांच से न सिर्फ फर्जीवाड़ा कम हुआ है बल्कि लाभार्थियों की पहचान की प्रक्रिया भी पहले से तेज और पारदर्शी हुई है. अब यह ट्रैक करना आसान हो गया है कि पैसा और मदद सही लोगों तक पहुंच रही है या नहीं. AI का इस्तेमाल सिर्फ घर बनाने की योजना तक सीमित नहीं है. अब ग्राम पंचायतों के कामकाज में भी तकनीक लाई जा रही है.
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