काफी सारे लोगों को दोपहर में सोकर उठने के बाद सिर में दर्द, तनाव, मूड खराब और शरीर में भारीपन की समस्या हो जाती है। जिसकी वजह से वो चाहकर भी झपकी नहीं ले पाते। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है तो इसके कारण जान लें और इससे दूर रहने के उपाय भी।
सुबह से उठकर ढेर सारे कामों को करने के बाद जब कभी आप दोपहर में एक नैप लेती हैं यानि झपकी लेती हैं तो सोकर उठने के बाद रिफ्रेश महसूस करने की बजाय सिर भारी हो जाता है। सिर में दर्द महसूस होने लगता है और आपकी पूरी बॉडी भी हैवी फील होती है। यहां तक कि पूरा मूड खराब सा हो जाता है। अगर आपके साथ भी ऐसा ही कुछ होता है तो आप अकेली नहीं, काफी सारे लोग इस समस्या से जूझते हैं। लेकिन अच्छी बात ये हैं कि अगर बॉडी के इस इशारे को समझ लिया जाए तो दोपहर में होने वाले इस सिर दर्द और समस्या को दूर किया जा सकता है।
झपकी के बाद होने वाले सिर दर्द और भारीपन के ये कारण जिम्मेदार होते हैं
डॉक्टर के मुताबिक अगर दिन की झपकी लेने के बाद सिर में दर्द, भारीपन और मूड खराब रहता है तो इसके लिए ये कारण जिम्मेदार होते हैं-
- जब 30 से 40 मिनट से ज्यादा की लंबी झपकी ली जाती है तो शरीर गहरी नींद में चला जाता है, और गहरी नींद से जागने पर अक्सर सुस्ती और सिरदर्द होता है, जिसे कभी-कभी स्लीप इनर्शिया भी कहा जाता है।
- झपकी लेने से ब्लड शुगर लेवल कम हो सकता है, खासकर अगर झपकी खाने के बाद या बिना खाए लंबे गैप के बाद ली जाए, जिससे जागने पर सिरदर्द होता है।
- झपकी लेने के बाद दिन में डिहाइड्रेशन ज़्यादा महसूस हो सकता है, क्योंकि शरीर को आराम करते समय भी फ्लूइड की जरूरत बनी रहती है।
- अगर आपने गलत पोजिशन में झपकी ली है तो इससे गर्दन और कंधों में टेंशन हो सकता है, जिससे सिरदर्द हो सकता है।
- दिन में बहुत देर से झपकी लेने से बॉडी क्लॉक खराब हो सकती है, जिससे नींद की क्वालिटी पर असर पड़ता है और कभी-कभी बिगड़े हुए सर्कैडियन रिदम से जुड़े सिरदर्द भी हो सकते हैं।
- कुछ लोगों को झपकी लेने से दिमाग के ब्लड वेसल की एक्टिविटी में बदलाव हो जाता है और माइग्रेन पैटर्न जैसा सिर दर्द होने लगता है।
आखिर कैसे दूर करें ये सिरदर्द
दोपहर की झपकी के बाद अगर सिर में दर्द हो हा है तो इसे इस तरह से ठीक किया जा सकता है।
- अगर दोपहर की झपकी के बाद सिर दर्द होता है तो हमेशा छोटी नैप लें, मात्र 15 से 20 मिनट ही सोएं। शरीर को गहरी नींद लेने से रोकें।
- अगर आराम करना है तो दोपहर के शुरुआती समय जैसे 12 बजे के आसपास सोएं ना कि 3-4 के बीच। इससे रात की नींद डिस्टर्ब नहीं होगी।
- खुद को दिनभर हाइड्रेटेड रखें।
- थोड़ी देर सोना है फिर भी कंफर्टेबल जगह पर सिर और गर्दन को सही पोजीशन में रखकर ही सोएं।
- खाना खाने के फौरन बाद सोने से बचें, ब्लड शुगर लेवल प्रभावित नहीं होगा और भारीपन से बची रहेंगी।
- हर दिन एक टाइम पर झपकी लें और शरीर का शेड्यूल बना लें। जिससे बॉडी को रेस्ट करने का टाइम बता हो और वो डिस्टर्ब ना हो।
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