जोमैटो के बाद स्विगी ने बढ़ाई फीस
प्लेटफॉर्म फीस एक तरह का अतिरिक्त चार्ज है, जो हर ग्राहक को अपने ऑर्डर पर देना पड़ता है। डिलीवरी चार्ज राइडर को मिलता है, लेकिन प्लेटफॉर्म फीस सीधे कंपनी की जेब में जाती है। यह फीस इस बात पर निर्भर नहीं करती कि आपने कितने का खाना ऑर्डर किया है। यह राशि पहले से तय (फिक्स्ड) होती है।
कंपनियां इस फीस को अपने ऐप को चलाने, सर्विस मैनेज करने, ऑपरेटिंग खर्च पूरे करने और मुनाफा कमाने के लिए लेती हैं। पेट्रोल-डीजल, राइडर्स की सैलरी, रेस्टोरेंट पार्टनरशिप और अन्य खर्चों के कारण कंपनियां अपने मार्जिन को सुधारने के लिए प्लेटफॉर्म फीस बढ़ा रही हैं।
पिछले कुछ सालों में प्लेटफॉर्म फीस काफी तेजी से बढ़ी है। प्लेटफॉर्म फीस में इजाफा होने का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा, जो ऑनलाइन फूड डिलीवरी के लिए इन प्लेटफॉर्म्स का सहारा लेते हैं। अब हर ऑर्डर के साथ अतिरिक्त प्लेटफॉर्म फीस के चलते कुल बिल बढ़ जाएगा, जिससे खाना ऑर्डर करना पहले की तुलना में महंगा हो जाएगा।
स्विगी और जोमैटो ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है, जब मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। वहीं गैस की सप्लाई पर असर दिख रहा है।
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