फैमिली यूनिट 3 से 5 करने की मांग क्यों?
NC-JCM ने न्यूनतम बेसिक पे को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने की मांग की है। वहीं, AIDEF, AINPSEF और FNPO जैसे कर्मचारी संगठनों ने भी फैमिली यूनिट को 5 करने की मांग का समर्थन किया है।
| ऑर्गनाइजेशन | फैमिली यूनिट्स |
|---|---|
| AINPSEF | परिवार की यूनिट को 5 तक बढ़ाएं (न्यूनतम वेतन ₹69,000) |
| NC-JCM Staff Side memorandum | 5 यूनिट वाले परिवार के लिए न्यूनतम वेतन का प्रस्ताव (₹69,000 न्यूनतम वेतन)। |
| AIDEF | 5 यूनिट वाले परिवार के लिए न्यूनतम वेतन का प्रस्ताव (₹69,000 न्यूनतम वेतन)। |
| FNPO | 5 यूनिट वाले परिवार के लिए न्यूनतम वेतन का प्रस्ताव (₹69,000 न्यूनतम वेतन)। |
| IRTSA | इसमें 4.6–4.8 उपभोग यूनिट (जिसमें आश्रित माता-पिता और बच्चे शामिल हैं) की सिफारिश की गई है। इसके आधार पर ₹52,600 का प्रस्तावित न्यूनतम वेतन तय किया गया है। |
₹48,000 का अनुमान कैसे निकाला गया?
AINPSEF के अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल की गणना के मुताबिक, अगर 5 फैमिली यूनिट को आधार बनाया जाता है, तो फिटमेंट फैक्टर करीब 2.66 तक पहुंच सकता है। उदाहरण के तौर पर Level 1 कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी ₹18,000 है। 58% DA के हिसाब से ₹10,440 DA जुड़ता है। इस तरह बेसिक और DA मिलाकर राशि ₹28,440 होती है।
इसके बाद 5 फैमिली यूनिट के आधार पर गणना की जाती है, ₹28,440 × 5 ÷ 3 = ₹47,400, जिसे करीब ₹48,000 माना गया है, यानी ₹18,000 की मौजूदा बेसिक सैलरी की तुलना में लगभग ₹30,000 की बढ़ोतरी का अनुमान बनता है। इसी गणना से 2.66 फिटमेंट फैक्टर का अनुमान लगाया गया है।
Level 1 से Level 5 तक क्या असर हो सकता है?
अगर वास्तव में 2.66 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो अलग-अलग पे लेवल के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी भी मौजूदा स्तर से काफी ऊपर जा सकती है। हालांकि, वास्तविक नई बेसिक सैलरी केवल फिटमेंट फैक्टर से तय नहीं होगी। पे मैट्रिक्स, DA की स्थिति, फिटमेंट फैक्टर और 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशें इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इसलिए, ₹48,000 को अभी पक्की न्यूनतम सैलरी समझना सही नहीं होगा। फिलहाल, यह कर्मचारी संगठनों द्वारा प्रस्तुत एक संभावित मॉडल है। 8वां वेतन आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को देगा, जिसके बाद अंतिम फैसला केंद्र सरकार करेगी।
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