आयोग ने कहा है कि जो कर्मचारी संगठन, यूनियन, पेंशनर संगठन या व्यक्तिगत हितधारक चंडीगढ़ में आयोग से मिलना चाहते हैं, उन्हें 25 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ मेमोरेंडम जमा करने के बाद मिलने वाला यूनिक मेमो ID (Unique Memo ID) भी देना अनिवार्य होगा। आवेदन स्वीकार होने के बाद आयोग बैठक की तारीख, समय और स्थान की अलग से जानकारी देगा।
8वें वेतन आयोग की इन बैठकों का उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनर्स से सीधे सुझाव लेना है। इन चर्चाओं में सैलरी स्ट्रक्चर, फिटमेंट फैक्टर, पेंशन, प्रमोशन, भत्ते, सेवा शर्तें और कार्य परिस्थितियों जैसे कई अहम मुद्दों पर विचार किया जाएगा। आयोग इन सुझावों के आधार पर अपनी अंतिम सिफारिशें तैयार करेगा, जिन्हें बाद में केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा।
चंडीगढ़ से पहले आयोग ने 7 से 10 अगस्त तक नई दिल्ली में कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें तय की हैं। इसके बाद 7 और 8 सितंबर को चेन्नई तथा 9 सितंबर को पुडुचेरी में भी बैठकें होंगी। आयोग ने साफ किया है कि अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए अलग-अलग दौर में बैठकें आयोजित की जाएंगी, इसलिए फिलहाल केवल संबंधित राज्यों के हितधारक ही इन बैठकों के लिए आवेदन करें।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग का गठन किया था और आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। यानी आयोग को मई 2027 तक अपनी अंतिम सिफारिशें सरकार को सौंपनी हैं। इससे पहले आयोग दिल्ली, लखनऊ, लेह, भुवनेश्वर और कोलकाता जैसे शहरों में भी विभिन्न कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स के साथ चर्चा कर चुका है।
अब केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर इस बात पर है कि आयोग इन बैठकों में मिले सुझावों को अंतिम रिपोर्ट में किस तरह शामिल करता है। माना जा रहा है कि फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन और पेंशन जैसे मुद्दे इस बार सबसे अहम रहने वाले हैं, जिनका असर लाखों सरकारी कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मियों की आय पर पड़ेगा।
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