Highlights
- 6G के क्षेत्र में भारत को ग्लोबल लीडर बनाने के लिए सरकार ने तैयारी कर ली है।
- केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इसे लेकर 6G अलायंस ग्रुप के साथ मीटिंग की है।
- इसमें भारत में 6G को लेकर तैयारी का जायजा लिया जा रहा है।
भारत को 6G सर्विस में ग्लोबल लीडर बनाने के लिए सरकार ने तैयारी कर ली है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को 6G अलायंस की प्रोग्रेस का जायजा लिया है। इसमें स्पेक्ट्रम, डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग, ऐप्स, बिजनेस मॉडल आदि के लिए अलग-अलग 7 वर्किंग ग्रुप्स बनाए गए हैं, जो लगातार 6G सर्विस को लेकर हुई प्रगति को लेकर काम करेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार का लक्ष्य भारत में 2030 तक 6G सर्विस लॉन्च करने की है।
दक्षिण कोरिया, अमेरिका, चीन जैसे देश भी 6G को लेकर काम कर रहे हैं। भारत भी इन देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाला है। दूरसंचार विभाग (DoT) की तरफ से आयोजित की गई इस मीटिंग में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ-साथ संचार राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी और दूरसंचार सचिव अमित अग्रवाल ने शिरकत की। दूरसंचार मंत्रालय के लीडरशिप ग्रुप ने देश में 6G अलायंस (B6GA) के प्रोग्रेस की समीक्षा की है।
क्या करता है 6G अलायंस?
इस अलायंस को 7 अलग-अलग टीमों में बांटा गया है। ये टीमें नेक्स्ट जेनरेशन टेलीकॉम नेटवर्क की अलग-अलग जरूरतों पर ध्यान देती हैं। ये टीमें स्पेक्ट्रम यानी एयरवेब, 6G मोबाइल रेडियो डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग, नई टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट, ऐप्स तैयार करना, पर्यावरण का ध्यान रखने के लेकर लोगों को 6G को लेकर जानकारी पहुंचाने और इसके सही इस्तेमाल के लिए रोडमैप तैयार करने का काम करेंगी।
सरकार ने बताया कि 6G अलायंस से जुड़े सदस्यों के पास 5G और 6G सर्विस से जुड़े 7,700 से ज्यादा पेटेंट फाइलिंग प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4,400 से ज्यादा विदेशी फाइलिंग है, जो दर्शाता है कि दुनिया भी भारत के रिसर्च और इनोवेशन इकोसिस्टम की बढ़ती मजबूती की कायल है। भारत में 5G सर्विस लॉन्च हुए लगभग 4 साल का वक्त बीत चुका है। देश के लगभग हर जिले में 5G सर्विस पहुंच गई है। 5G सर्विस के आने के बाद से भारत में इंटरनेट यूजर्स की संख्यां में बेतहाशा वृद्धि हुई है।
6G सर्विस को लेकर सरकार की यह तत्परता दिखाती है कि भारत दुनिया के कई विकसित देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाने के लिए तैयार है। टेलीकॉम स्टैंडर्ड्स डेवलपमेंट सोसाइटी इंडिया (TSDSI) ने इस मीटिंग के दौरान 6G टेक्नोलॉजी के स्टैंडर्ड तय करने की कोशिशों के बारे में जानकारी दी है। केंद्रीय संचार मंत्री ने सलाह दी है कि सभी टीमों को साथ मिलकर काम करना चाहिए और ऐसे एरिया की पहचान करनी चाहिए, जहां वे एक-दूसरे की मदद कर सके।
6G अलायंस मीटिंग में केंद्रीय लीडरशिप टीम की तरफ से कहा गया है कि टीमें आपस में मिलकर उन कमियों की पहचान करने के साथ-साथ दुनिया भर के बेहतर प्रैक्टिस को भी सीखें, ताकि परफॉर्मेंस को और बेहतर बनाया जा सके। यही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 6G ग्रुप्स की प्रगति का भी आकलन करना जरूरी है। इस तरह से भारत अगले 3 से 4 साल में 6G सर्विस का लीडर बन सकता है।
यह भी पढ़ें – सरकार की चेतावनी, असली जैसे दिखने वाले 10 फर्जी लोन ऐप्स से रहें सावधान, होगा भारी नुकसान
function loadFacebookScript(){
!function (f, b, e, v, n, t, s) {
if (f.fbq)
return;
n = f.fbq = function () {
n.callMethod ? n.callMethod.apply(n, arguments) : n.queue.push(arguments);
};
if (!f._fbq)
f._fbq = n;
n.push = n;
n.loaded = !0;
n.version = ‘2.0’;
n.queue = [];
t = b.createElement(e);
t.async = !0;
t.src = v;
s = b.getElementsByTagName(e)[0];
s.parentNode.insertBefore(t, s);
}(window, document, ‘script’, ‘//connect.facebook.net/en_US/fbevents.js’);
fbq(‘init’, ‘1684841475119151’);
fbq(‘track’, “PageView”);
}
window.addEventListener(‘load’, (event) => {
setTimeout(function(){
loadFacebookScript();
}, 7000);
});
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.