नॉनवेज खाने के शौकीन हैं, तो जान लीजिए बासी और ताजे मीट की पहचान करने का सही तरीका। कई बार अनजाने में हम बासी मीट खरीद लेते हैं, जिसकी वजह से गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं। आप ऐसी गलती न करें, इसलिए हम आपको बासी-ताजा चिकन-मटन में फर्क बताते हैं।
बासी चिकन-मटन खाने के नुकसान
अगर आप बासी या कम पका हुआ चिकन-मटन खाते हैं, तो इससे स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं हो सकती हैं। बासी मांस में साल्मोनेला और ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जो शरीर में जाकर फूड पॉइजनिंग, पेट में तेज दर्द, उल्टी, दस्त, और डिहाइड्रेशन की समस्या पैदा कर सकते हैं। ऐसे में कई बार व्यक्ति को अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ता है।
- रंग को गौर से देखें
चिकन-मटन के रंग से आपको उसके बासी और ताजा होने का पता चल जाएगा। आमतौर पर चिकन या मटन का रंग हल्का गुलाबी या फिर लाल होता है। अगर रंग ऐसा ही है तो आप फ्रेश लेकर आए हैं। अगर मांस का कलर काला, भूरा, ग्रे या फिर हरा दिख रहा है, तो वह बासी हो सकती है।
- महक से करें पहचान
बासी और ताजा मीट की पहचान करने का सबसे सरल तरीका है उसकी महक। अगर आपको चिकन या मटन में से तेज बदबू, खट्टी और अजीब सी गंध आ रही है, तो उसे न खाएं। ताजे मीट से प्राकृतिक मांस वाली महक आती है। महक से आप ताजे और बासी मीट की परख सकते हैं।
- दबाकर करें चेक
बासी मीट को दबाकर देखने पर वह चिपचिपा या लिसलिसा महसूस हो सकता है, जबकि ताजा चिकन-मटन दबाने पर थोड़ा लचीला लगता है। उंगली से दबाने के बाद मांस कुछ ही समय में वापस अपनी सामान्य स्थिति में आ जाता है। आप मीट को छूकर भी उसकी ताजगी जांच सकते हैं। अगर वह जरूरत से ज्यादा चिपचिपा, नरम या लिसलिसा लगे, तो उसे खरीदने से बचें।
- पानी का रिसाव कर चेक
ताजा चिकन-मटन में हल्की नमी होना सामान्य है, लेकिन उसके आसपास पानी का ज्यादा रिसाव नहीं होना चाहिए। अगर मांस से लगातार पानी निकल रहा हो, पैकेट या ट्रे में ज्यादा तरल जमा हो या मीट जरूरत से ज्यादा गीला दिखाई दे, तो यह उसके खराब होने का संकेत हो सकता है। ऐसे चिकन-मटन को खरीदने से बचें।
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