टी20 लीग द हंड्रेड के आगामी सीजन के लिए खिलाड़ियों की लंबी लिस्ट जारी हो चुकी है। इस बार नीलामी में 247 खिलाड़ियों की किस्मत का फैसला होगा जिसमें से 14 खिलाड़ी पड़ोसी मुल्क यानी पाकिस्तान के ही हैं। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजियां पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर बोली लगाएंगी या नहीं?
पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ को मार्की प्लेयर्स इंटरनेशनल कैटेगरी में रखा गया है जहां उनका बेस प्राइस 1 लाख पाउंड तय किया गया है। इस हाई-प्रोफाइल ग्रुप में एडेन मार्करम, डेविड मिलर, डेरिल मिशेल और सुनील नरेन जैसे बड़े खिलाड़ी भी शामिल हैं।
टॉप-50 खिलाड़ियों की सूची में भी पाकिस्तान के 6 खिलाड़ी शामिल हैं। इनमें शाहीन अफरीदी, शादाब खान, उस्मान तारिक, सैम अयूब और अबरार जैसे नाम शामिल हैं। दिलचस्प बात ये है कि इस सूची में पाकिस्तान के खिलाड़ियों की संख्या किसी भी अन्य विदेशी देश के खिलाड़ियों से ज्यादा है।
हाल ही में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक दावा किया गया था कि भारतीय मालिकाना वाली फ्रेंचाइजी वाली कुछ टीमें पाकिस्तानी खिलाड़ियों को साइन करने से बच सकती हैं। इनमें MI लंदन, सनराइजर्स लीड्स, मैनचेस्टर सुपर जायंट्स और सदर्न ब्रेव जैसी फ्रेंचाइजियों का नाम सामने आया है।
हालांकि, इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने साफ किया है कि किसी भी खिलाड़ी को उसकी राष्ट्रीयता के आधार पर नीलामी से बाहर नहीं किया जाएगा। बोर्ड ने कहा कि चयन केवल प्रदर्शन, उपलब्धता और टीम की जरूरतों के आधार पर होगा।
बता दें कि, साल 2025 के ड्रॉफ्ट में पहली बार ऐसा हुआ था जब किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी को कॉन्ट्रैक्ट नहीं मिला था। इससे पहले 2024 और 2023 सीजन में कई पाकिस्तानी खिलाड़ी इस लीग का हिस्सा रहे थे, हालांकि, इ बार स्थिति थोड़ी अलग है क्योंकि टूर्नामेंट कासमय पाकिस्तान की टेस्ट सीरीज से टकरा सकता है। जिससे कुछ खिलाड़ियों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.