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बांग्लादेश में चुनावों में भारी जीत के बाद बांग्लादेश नेशनल पार्टी के प्रमुख तारिक रहमान प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे. वो अपने देश की संसद में ये शपथ ले रहे हैं. ये संसद दुनियाभर के संसद परिसरों और भवन के लिहाज से बेमिसाल है. जो बननी शुरू हुई थी इस देश के बनने से पहले और बनने के कई साल बाद तक बनती रही. लेकिन अब ये दुनिया की सबसे सुंदर और सबसे विशाल परिसर वाली संसद है.
बांग्लादेश के संसद भवन को जतिया संसद भवन के नाम से जाना जाता है, ये ढाका के शेर-ए-बांग्ला नगर में स्थित है. यह दुनिया के सबसे बड़े विधायी परिसरों में एक है. करीब 840,000 वर्ग मीटर यानि 210 एकड़ के क्षेत्र में फैली हुई है. ये भवन आधुनिक वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो ज्यामितीय आकृतियों गोल, त्रिकोणीय और आयताकार से बना है. कंक्रीट से निर्मित है. इसे एक कृत्रिम झील, लॉन और सांसदों के आवासों से घिरा हुआ बनाया गया है, जो इसे एक मजबूत राष्ट्रीय प्रतीक बनाता है.

यह भवन तीन मुख्य भागों में विभाजित है – मुख्य प्लाजा, साउथ प्लाजा और प्रेसिडेंशियल प्लाजा. साउथ प्लाजा में ही देश के नए प्रधानमंत्री तारिक शपथ ले रहे हैं. साउथ प्लाजा माणिक मिया एवेन्यू की ओर मुंह करता है. ये धीरे-धीरे 20 फीट की ऊंचाई तक उठता है. ये सांसदों के लिए सत्र के दौरान मुख्य प्रवेश द्वार के रूप में काम करता है. ये बाहर से बहुत खूबसूरत लगता है. ये भवन बांग्लादेश की संसद का आधिकारिक स्थान है, जहां समारोह आयोजित होते हैं.

इस भवन का डिजाइन अमेरिकी वास्तुकार लुईस कॉन ने बनाया था, जो येल विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर थे. स्थानीय सहयोगी वास्तुकार मुजहरुल इस्लाम थे. इसको बनाने की शुरुआत 1964 में हुई थी. तब बांग्लादेश पाकिस्तान का हिस्सा था. इसके बाद 1971 ये हिस्सा पाकिस्तान से अलग होकर नया देश बन गया. इस भवन का निर्माण 1982 में पूरा हुआ. देश की आजादी के बाद इसे बनाने का जिम्मा बांग्लादेश सरकार ने लिया. जब ये बनकर तैयार हुआ तब तक इसके मुख्य डिजाइनर लुईस कॉन की मृत्यु हो चुकी थी.
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यह भवन आठ मंजिला है और अष्टकोणीय संरचना, जिसमें नौ अलग-अलग ब्लॉक हैं. यह ‘आत्मा’ और ‘शांति’ के सिद्धांतों पर आधारित है, जो बंगाली संस्कृति और विरासत को दिखाता है. ये बिल्डिंग कंक्रीट और मार्बल से बनी है. बाढ़ से बचाव के लिए इसे एक प्लिंथ पर उठाया गया है. बड़े खुले स्थान पर होने के कारण यहां भरपूर प्राकृतिक वेंटिलेशन है. ये मस्जिद या किले जैसी ऐतिहासिक रूपरेखाओं से प्रेरित है.

चूंकि भवन में बड़े गोले और खाली जगहें हैं, लिहाजा यहां हर कोने में खूब लाइट आती है और छाया का इफेक्ट भी दिखता है. इस परिसर में बाग हैं. वास्तुकला और खूबसूरती को लेकर ये दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण और खूबसूरत इमारतों में गिनी जाती है. कई एक्सपर्ट आर्किटेक्चर, किताबें इसे मास्टरपीस कहते हैं.

कुल मिलाकर ये ना केवल खूबसूरत है, बल्कि आर्किटेक्चर की दुनिया में एक आइकॉन है. अगर आप ब्रूटलिस्ट या मॉडर्न स्टाइल पसंद करते हैं, तो आप इसे टॉप पर रखेंगे. इस संसद में कुल कितने कमरे हैं, इसकी सटीक संख्या कबी आधिकारिक रूप से एक निश्चित आंकड़े में नहीं बताई जाती. इसमें सैकड़ों कमरे हैं, जिसमें ऑफिस, मीटिंग रूम, लाउंज, हॉस्टल रूम आदि शामिल हैं.

इस पूरे भवन में 1,605 दरवाजे, 335 खिड़कियां, 365 वेंटिलेटर, 41.6 किलोमीटर लंबे गलियारे हैं, परिसर में मुख्य रूप से 9 ब्लॉक हैं. मुख्य संसद कक्ष में 354 सांसदों के बैठने की क्षमता है.
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