मुश्किल समय में संभाली टीम
182 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए लखनऊ की टीम शुरुआत से ही दबाव में थी। बड़े-बड़े बल्लेबाज जैसे मिचेल मार्श, एडेन मार्करम, ऋषभ पंत, निकोलस पूरन और आयुष बडोनी जल्दी आउट हो गए। एक समय टीम का स्कोर 128/7 था और मैच लगभग हाथ से निकल चुका था।
तभी मुकुल चौधरी मैदान पर आए और उन्होंने शानदार धैर्य दिखाया। शुरुआत में उन्होंने धीरे-धीरे खेला, लेकिन बाद में आक्रामक अंदाज अपनाया।
तूफानी बल्लेबाजी से पलटा मैच
मुकुल ने सिर्फ 25 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 27 गेंदों में नाबाद 54 रन बनाए, जिसमें 7 छक्के और 2 चौके शामिल थे। उनकी बल्लेबाजी का एक शॉट ऐसा था, जिसने सभी को महेंद्र सिंह धोनी के मशहूर हेलीकॉप्टर शॉट की याद दिला दी।
आखिरी ओवर का रोमांच
अंतिम ओवर में लखनऊ को 14 रन चाहिए थे। मैच बेहद रोमांचक हो गया था। मुकुल ने दबाव में शानदार छक्का लगाया। आखिरी गेंद पर जब एक रन चाहिए था, तब उन्होंने शॉट मिस कर दिया, लेकिन तेजी से दौड़कर लेग-बाय का रन पूरा किया और टीम को जीत दिला दी।
कौन हैं मुकुल चौधरी?
मुकुल चौधरी राजस्थान के झुंझुनू के रहने वाले हैं। उनका सफर आसान नहीं रहा। उनके पिता, जो एक शिक्षक हैं, ने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए काफी संघर्ष किया। उन्होंने मुकुल को बेहतर ट्रेनिंग दिलाने के लिए सीकर और बाद में जयपुर भेजा।
गेंदबाज से बने विकेटकीपर-बल्लेबाज
मुकुल ने अपने करियर की शुरुआत एक तेज गेंदबाज के रूप में की थी। लेकिन बाद में टीम की जरूरत के हिसाब से उन्होंने विकेटकीपिंग शुरू की। महेंद्र सिंह धोनी से प्रेरणा लेकर उन्होंने खुद को एक अच्छे फिनिशर के रूप में तैयार किया।
घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन
मुकुल ने घरेलू क्रिकेट में भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है। अंडर-23 टूर्नामेंट 2025 में 617 रन बनाए थे। इसके अलावा सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025-26 में 199 के स्ट्राइक रेट से 173 रन बनाये। इसी प्रदर्शन के चलते लखनऊ सुपर जाएंट्स ने उन्हें आईपीएल 2026 की नीलामी में 2.6 करोड़ रुपये में खरीदा।
मुकुल चौधरी ने इस मैच में साबित कर दिया कि वह बड़े मैच के खिलाड़ी हैं। दबाव में शांत रहकर मैच खत्म करने की उनकी क्षमता उन्हें खास बनाती है। आने वाले समय में वह टीम इंडिया के लिए भी एक बड़ा नाम बन सकते हैं।
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