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राहुल गांधी ने तेल और गैस आपूर्ति को लेकर सरकार की विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा पर कई गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के युद्ध के बहुत दूरगामी परिणाम होंगे और दुनिया के 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति करने वाला होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा खतरे में आ गई है. राहुल ने सवाल उठाया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप या कोई भी तीसरा देश यह कैसे तय कर सकता है कि भारत अपना तेल रूस से खरीदेगा या नहीं.
राहुल गांधी ने देश में गैस की किल्लत पर केंद्र सरकार को घेरा.
नई दिल्ली. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को पश्चिम एशिया संकट के बीच होटल एलपीजी की कमी के असर का मुद्दा उठाया और कहा कि यह “दर्द की शुरुआत” है, जो आने वाले दिनों में और बढ़ेगा. लोकसभा में ‘एलपीजी संकट’ पर बोलते हुए कांग्रेस सांसद ने सरकार पर अमेरिकी प्रशासन के दबाव के आगे झुकने का आरोप लगाया और सवाल किया कि डोनाल्ड ट्रंप कैसे तय कर सकते हैं कि भारत तेल कहां से और किससे खरीदे.
राहुल गांधी ने अपने ‘समझौते’ के आरोप को दोहराते हुए कहा कि यही देश में पेट्रोल और एलपीजी की कमी का मुख्य कारण है. हालांकि, इन दावों का जवाब केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिया और कहा कि देश के तेल भंडार भरे हुए हैं तथा किसी तरह का संकट नहीं है. पश्चिम एशिया संकट पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध के दूरगामी परिणाम होंगे और इसका असर अब दिखाई देने लगा है.
उन्होंने कहा कि दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति जिस मुख्य मार्ग से होती है, वह होर्मुज स्ट्रैट बंद हो चुका है. भारत के लिए यह विशेष रूप से चिंता की बात है, क्योंकि देश का बड़ा हिस्सा तेल और प्राकृतिक गैस इसी मार्ग से आता है.
उन्होंने कहा, “दर्द अभी शुरू हुआ है. रेस्तरां बंद हो रहे हैं, एलपीजी को लेकर व्यापक घबराहट है, स्ट्रीट वेंडर प्रभावित हो रहे हैं और जैसा मैंने कहा, यह केवल शुरुआत है.” अमेरिका के कथित हस्तक्षेप पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कोई तीसरा देश यह कैसे तय कर सकता है कि भारत रूस से तेल खरीदे या नहीं और भारत अपने ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं से किस तरह के संबंध रखे.
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक यह बात उन्हें समझ नहीं आई, लेकिन अब उन्हें लगता है कि यह सब भारत के हितों से समझौता करने की वजह से हो रहा है. एलपीजी मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए राहुल गांधी ने यह भी कहा कि पेट्रोलियम मंत्री ने रिकॉर्ड पर स्वीकार किया है कि उनके संबंध जेफरी एपस्टीन से रहे हैं. इस टिप्पणी पर सदन में हंगामा हुआ और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हस्तक्षेप करना पड़ा.
संसद के बाहर कुछ भाजपा सांसदों ने राहुल गांधी पर संसदीय मर्यादा का उल्लंघन करने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उनका कहना था कि एलपीजी मुद्दे से कोई संबंध न होने के बावजूद एपस्टीन का नाम उठाया गया.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
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