पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण ईंधन आपूर्ति में आई बाधाओं के बीच भारत ने छोटे पांच किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बढ़ा दी है और पाइप से मुहैया कराई जाने वाली प्राकृतिक गैस (पीएनजी) कनेक्शन का विस्तार तेज कर दिया है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, 23 मार्च से अब तक पांच किलोग्राम के 13 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर बेचे गए हैं और इनकी दैनिक बिक्री एक लाख से अधिक हो गई है।
यह कदम प्रवासी श्रमिकों और कम आय वर्ग के उपभोक्ताओं तक पहुंच बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
इसी अवधि में 4.24 लाख से अधिक नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि 30,000 से अधिक उपभोक्ताओं ने एलपीजी कनेक्शन वापस कर पीएनजी को अपनाया है।
छह सप्ताह से जारी पश्चिम एशिया संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग आधा कच्चा तेल, 40 प्रतिशत गैस और 85-90 प्रतिशत एलपीजी इस क्षेत्र से आयात करता है, जिस पर इस संकट का असर पड़ा है।
हालांकि कच्चे तेल की कमी को अन्य स्रोतों से पूरा कर लिया गया है, लेकिन एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हुई है। ऐसे में सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता दी है और होटल-रेस्तरां जैसे वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति में कटौती की है।
संकट से पहले फरवरी में जहां रोजाना लगभग 77,000 सिलेंडर बिक रहे थे, वहीं पिछले दो-तीन सप्ताह में यह संख्या एक लाख से अधिक हो गई है।
बयान के अनुसार, घरेलू एलपीजी आपूर्ति कुल मिलाकर स्थिर बनी हुई है और कहीं भी कमी की सूचना नहीं है।
11 अप्रैल को 52 लाख से अधिक सिलेंडर वितरित किए गए।
मांग का लगभग 98 प्रतिशत हिस्सा ऑनलाइन बुकिंग के जरिए पूरा हो रहा है, जबकि वितरण में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए 93 प्रतिशत लेनदेन में सत्यापन प्रणाली लागू की गई है।
वाणिज्यिक एलपीजी की उपलब्धता भी अब संकट-पूर्व स्तर के करीब 70 प्रतिशत तक बहाल हो गई है। सरकारी तेल विपणन कंपनियांइंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड राज्य सरकारों के साथ मिलकर आपूर्ति को सुचारु बना रही हैं।
बयान में कहा गया है कि रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। साथ ही, घरेलू एलपीजी उत्पादन भी बढ़ाया गया है।
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