सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने बुधवार को ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि उनका देश ईरान पर सैन्य कार्रवाई का पूरा अधिकार रखता है. उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि ईरान अपने पड़ोसियों से बातचीत में यकीन नहीं रखता, बल्कि उन पर दबाव बनाने की कोशिश करता है, लेकिन ये दबाव बेकार है और उलटा पड़ जाएगा.
मिडिल ईस्ट युद्ध से मतलब नहीं, हमारे देश पर हमले रुकें: प्रिंस फैसल
फैसल बिन फरहान ने साफ कहा, ‘सऊदी अरब इस दबाव में नहीं झुकेगा. ये दबाव राजनीतिक रूप से और नैतिक रूप से भी उलटा पड़ेगा. हमने साफ-साफ बता दिया है कि जरूरत पड़ी तो सैन्य कार्रवाई का हक हम सुरक्षित रखते हैं.’
उन्होंने आगे बताया कि सऊदी अरब की अभी सबसे बड़ी चिंता खाड़ी देशों पर हो रहे हमले रोकना है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि युद्ध अभी खत्म हो जाए या अमेरिका-इजरायल ईरान की मिसाइल क्षमता को और कमजोर करें. बस इतना चाहिए कि उनके देश और पड़ोसी देशों पर हमले तुरंत बंद हो जाएं.
प्रिंस फैसल ने कहा, ‘मेरा ध्यान सिर्फ इस पर है कि इस संघर्ष में शामिल नहीं हैं यानी मेरे देश और पड़ोसी देशों पर हमले रुक जाएं. बस यही मेरा मकसद है. हम राजनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक हर तरीका इस्तेमाल करेंगे ताकि ये हमले बंद हों.’
ईरान पर पूरी तरह भरोसा खत्म: प्रिंस फैसल
विदेश मंत्री प्रिंस फैसल ने कहा कि ईरान पर अब बचा हुआ थोड़ा-बहुत भरोसा भी पूरी तरह टूट चुका है. ईरान के पड़ोसी देशों पर हमले पहले से प्लान किए गए थे और जो कुछ अब हो रहा है, वो इसी की पुष्टि करता है.’ उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान आज की मीटिंग का मैसेज समझ ले, जल्दी से अपना हिसाब-किताब ठीक करे और पड़ोसियों पर हमले बंद कर दे.
फैसल बिन फरहान ने दोहराया कि ईरानी आक्रामकता के खिलाफ उनका धैर्य भी अब सीमित है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा, ‘हमारा धैर्य असीमित नहीं है.’
ईरान ने सऊदी पर चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं
ईरान के 18 मार्च के हमले को ‘ब्लैकमेल’ करार दिया. सऊदी अरब ने बताया कि मीटिंग शुरू होने से ठीक पहले रियाद की तरफ चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं, जिन्हें पूरी तरह नष्ट कर दिया गया. मंत्री ने कहा, ‘मेरे लिए साफ था कि ये हमला आज की मीटिंग के साथ टाइमिंग करके किया गया ताकि यहां मौजूद लोगों को डराया जा सके. मैसेज देने की कोशिश थी कि ईरान नहीं रुकेगा.’
उन्होंने जोर देकर कहा, ‘हम डरे नहीं, हम बिल्कुल नहीं मानते कि इस तरह का बर्ताव करने वाला ईरान कोई वैध पार्टनर हो सकता है. जो थोड़ा भरोसा बचा था, वो भी पूरी तरह खत्म हो गया.’
सऊदी अरब के विदेश मंत्री ये सब बातें रियाद में क्षेत्रीय और इस्लामी देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग के दौरान पत्रकारों से कर रहे थे. पूरा बयान साफ संदेश देता है कि सऊदी अरब अब ईरान की किसी भी धमकी या दबाव को बर्दाश्त नहीं करेगा और पड़ोसी देशों की सुरक्षा के लिए हर कदम उठाने को तैयार है.
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