बहरीन की सरकारी समाचार एजेंसी अल्बा ने रविवार तड़के पुष्टि की कि एक दिन पहले ईरान द्वारा किए गए हमले में एल्युमिनियम बहरीन जिसे अल्बा के नाम से भी जाना जाता है उसे निशाना बनाया गया. इस हमले में 2 लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं और कंपनी अपने संयंत्रों में हुए नुकसान का आकलन कर रही है.
ईरान के 2 इस्पात संयंत्रों पर हुए हमलों के जवाब में अल्बा और एमिरेट्स ग्लोबल एल्युमिनियम को निशाना बनाया गया है. आईआरजीसी ने कहा कि इन दोनों कंपनियों के अमेरिकी सैन्य और विमानन कंपनियों से संबंध थे. हालांकि रॉयटर्स स्वतंत्र रूप से आईआरजीसी के दावों की पुष्टि नहीं कर सका.
कंपनी ने फोर्स मेज्योर किया घोषित
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण व्यापार जारी रखने के लिए अल्बा ने मार्च की शुरुआत में अपनी 3 एल्युमीनियम गलाने वाली लाइनों को बंद कर दिया था, जो उसकी कुल क्षमता का 19% थीं. इससे पहले 4 मार्च को कंपनी ने होर्मुज बंद होने के कारण ग्राहकों को माल भेजने में असमर्थता जाहिर की थी और अप्रत्याशित स्थिति (फोर्स मेज्योर) घोषित किया था.
एल्युमीनियम के व्यापार पर असर
होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण एल्युमीनियम के व्यापार पर भी असर पड़ रहा है, जो वैश्विक आपूर्ति का लगभग 9% हिस्सा है. यह प्रभाव ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण पैदा हुआ है. बहरीन स्टील की मूल कंपनी, बहरीन की फौलथ होल्डिंग ने शनिवार को क्षेत्रीय संघर्ष और सुरक्षा के चलते अपने संचालन को लेकर अप्रत्याशित स्थिति (फोर्स मेज्योर) घोषित किया.
कंपनी की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि क्षेत्र में उत्पन्न स्थिति ने समूह के नियंत्रण से परे ऐसी परिस्थितियां पैदा कर दी हैं, जिन्होंने समूह के व्यवसाय के कुछ हिस्सों में संचालन और लॉजिस्टिक्स को प्रभावित किया है, लेकिन प्रभाव के आकार के बारे में कोई विवरण नहीं दिया गया है.
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