अमेरिका ने दावा किया है कि इस युद्ध की शुरुआत से अब तक उसने ईरान के 10 हजार ठिकानों पर बमबारी की है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, ईरान के 92 प्रतिशत जहाज भी तबाह कर दिए गए हैं।
इस्फहान के सैन्य ठिकानों पर निशाना
इजरायली सेना ने इस हमले को काफी बड़ा और असरदार बताया है। इसमें उन जगहों को निशाना बनाया गया है जहां हथियार और रक्षा उपकरण बनाए जाते हैं। इस्फहान के औद्योगिक इलाकों में हुए इन धमाकों की गूंज बहुत दूर तक सुनाई दी।
ईरान की समाचार एजेंसी ‘फार्स’ के मुताबिक, रिहायशी इलाकों के पास भी हमले हुए हैं, लेकिन नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। आपको बता दें कि इस्फहान में ईरान का एक प्रमुख न्यूक्लियर साइट भी है, जिसे पिछले साल जून में निशाना बनाया गया था।
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खाड़ी देशों तक पहुंची युद्ध की आग
पिछले 24 घंटों में ईरान ने भी अपने हमले तेज कर दिए हैं। अब यह जंग सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कुवैत, बहरीन और सऊदी अरब जैसे खाड़ी देशों तक फैल गई है। कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मौजूद तेल के टैंकों पर दो ड्रोन हमले हुए, जिससे वहां भीषण आग लग गई।
सऊदी अरब ने अपने पूर्वी इलाकों में ईरान की ओर से भेजी गई एक दर्जन से ज्यादा मिसाइलों और ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया। वहीं, बहरीन और यूएई में भी खतरे के सायरन बज रहे हैं। इन हमलों से पूरे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और हवाई यात्राओं पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
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बातचीत की खबरों पर अमेरिका का बयान
जंग के बीच ऐसी खबरें आ रही थीं कि पाकिस्तान इस मामले में बीच-बचाव कर सकता है और वहां शांति के लिए बातचीत हो सकती है। हालांकि, अमेरिका ने इन खबरों को पूरी तरह से गलत बताया है। अमेरिका का कहना है कि पाकिस्तान में ईरान के साथ बातचीत की खबरें सिर्फ एक अफवाह हैं।
दूसरी ओर, ईरान ने भी साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ उसकी कोई औपचारिक चर्चा नहीं चल रही है। फिलहाल पाकिस्तान या तुर्किए में किसी भी तरह की सुलह की संभावना की पुष्टि नहीं हुई है।
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