उषा नाडकर्णी यानी उषा ताई ने पति से अलग होने के बाद न सिर्फ उन्होंने अपने बेटे को संभाला, बल्कि अभिनय की दुनिया में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई. हाल ही में उन्होंने एक मराठी यूट्यूब चैनल पर अपनी जिंदगी के कई अहम राज खोले.
उषा नाडकर्णी ने अपने जीवन के कई अहम राज खोले.
पति से अलग होने के बाद न सिर्फ उन्होंने अपने बेटे को संभाला, बल्कि अभिनय की दुनिया में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई. हाल ही में उन्होंने एक मराठी यूट्यूब चैनल पर अपनी जिंदगी के कई अहम राज खोले और पहली बार अपनी शादीशुदा जिंदगी पर भी बात की.
मराठी नाटक, फिल्मों और टीवी धारावाहिकों में अपने दमदार रोल से लोगों का दिल जीतने वाली उषा नादकर्णी को इंडस्ट्री में लोग आऊ कहकर भी बुलाते हैं. अपने बेबाक स्वभाव की वजह से अक्सर वह चर्चा में रहती हैं.
80 साल की उम्र में भी वह एक्टिंग में लगातार सक्रिय हैं. इसीलिए उन्हें मराठी मनोरंजन जगत की सबसे सम्मानित अभिनेत्रियों में गिना जाता है. बेशक पर्दे पर वह अक्सर सख्त मिजाज में नजर आती हैं, मगर असल जिंदगी में वह इसेस बिल्कुल उलट हैं. उषा ताई को जानने वाले कहते हैं कि वे बेहद ही सरल, भावुक और परिवार से जुड़ी हुई इंसान हैं.
उषा ताई ने अपने निजी जीवन के बारे में पहली बार मराठी यूट्यूब चैनल राजश्री मराठी से बातचीत की. उन्होंने बताया कि शादी के कुछ समय बाद ही वह किन्हीं कारणों से अपने पति से अलग रहने लगी थीं, उन्होंने बताया कि हम चार भाई बहन थे, मेरी और मेरी बहन की शादी हो गई थी. छोटा भाई 1975 में गुजर गया था. शादी के बाद वह परिवार से दूर गईं, लेकिन कुछ समय बाद ही पति अलग हो गए. इसके बाद लंबे समय तक अकेले ही रहीं. उन्होंने बताया कि बेशक पति से मेरा अलगाव रहा, मगर नाडकर्णी परिवार से कभी अलग नहीं हो सकीं.

80 साल की उम्र में भी वह एक्टिंग में लगातार सक्रिय हैं. इसीलिए उन्हें मराठी मनोरंजन जगत की सबसे सम्मानित अभिनेत्रियों में गिना जाता है. बेशक पर्दे पर वह अक्सर सख्त मिजाज में नजर आती हैं, मगर असल जिंदगी में वह इसेस बिल्कुल उलट हैं. उषा ताई को जानने वाले कहते हैं कि वे बेहद ही सरल, भावुक और परिवार से जुड़ी हुई इंसान हैं.
उषा ताई ने अपने निजी जीवन के बारे में पहली बार मराठी यूट्यूब चैनल राजश्री मराठी से बातचीत की. उन्होंने बताया कि शादी के कुछ समय बाद ही वह किन्हीं कारणों से अपने पति से अलग रहने लगी थीं, उन्होंने बताया कि हम चार भाई बहन थे, मेरी और मेरी बहन की शादी हो गई थी. छोटा भाई 1975 में गुजर गया था. शादी के बाद वह परिवार से दूर गईं, लेकिन कुछ समय बाद ही पति अलग हो गए. इसके बाद लंबे समय तक अकेले ही रहीं. उन्होंने बताया कि बेशक पति से मेरा अलगाव रहा, मगर नाडकर्णी परिवार से कभी अलग नहीं हो सकीं.
अपना उपनाम बदलने के बारे में बात करते हुए उषा नाडकर्णी ने कहा कि चाहे मैं नाडकर्णी उपनाम चुनूं या नहीं, मुझे उषा के नाम से ही जाना जाता है. शादी से पहले मेरा नाम उषा कालबाग था. शादी के बाद मैं उषा नाडकर्णी बन गई. भले ही मेरा कोई पति नहीं है, फिर भी मैंने नाडकर्णी उपनाम चुना है. नाम में क्या रखा है, स्त्री तो अपनी ही होती है. अपने पति को लेकर ट्रोल किए जाने पर उन्होंने कहा कि-आप किसे ट्रोल कर रहे हैं, किसके बारे में बात कर रहे हैं, क्यों बात कर रहे हैं? मैंने पढ़ा कि मैंने अपने पति को नहीं दिखाया. मेरे पति कहाँ हैं? क्या आप उन्हें ले जाकर उनके साथ बैठकर ड्रिंक करना चाहते हैं? आप क्या करना चाहते हैं?
उषा नाडकर्णी ने बताया कि परिवार के साथ उनके रिश्ते हमेशा मजबूत रहे हैं. अक्सर वह छोटे से घर में परिवार की दावतें और समारोह आयोजित करती रही हैं. उन्होंने बताया कि नाडकर्णी परिवार के सदस्य मेरे यहां आते हैं और पार्टियां करते हैं. उन्हें मेरे हाथ का खाना बहुत पसंद आता है.

वह कहती हैं कि रिश्ते निभाने के लिए झुकना जरूरी है, मगर किसी के सामने खुद को छोटा रखके संबंध बनाए रखना जरूरी नहीं है. वह अपने घर में अकेली रहती हैं, यह घर उन्होंने अपनी मेहनत से खरीदा है. उनका एक बेटा और बहू भी है, जो अलग रहते हैं. हालांकि बेटे बहू से उनका रिश्ता बेहद मजबूत है, परिवार के लोग भी उनसे जुड़े रहते हैं. उषा ताई के मुताबिक कभी कभी उन्हें अकेलेपन से डर लगता है, उन्हें लगता है कि अगर अचानक वह कभी गिर गईं तो उन्हें कौन उठाएगा. ऐसे में उनकी आस्था ही उन्हें संभालती है. वह कहती हैं कि रात में सोने से पहले भगवान का नाम लेती हैं और उसी भरोसे के साथ आराम से सो जाती हैं.
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