France Fertility Crisis: फ्रांस की सरकार अपने युवा नागरिकों को एक पत्र लिखने वाली है. इस पत्र में सलाह दी जाएगी कि वे 29 साल से पहले-पहले बच्चे पैदा कर लें. आखिर फ्रांस सरकार को ऐसा क्यों करना पड़ रहा है. इसके पीछे की वजह क्या है. आइए इस पर विस्तार से जानते हैं.
बच्चा पैदा करने की सही उम्र क्या है.
क्यों करना पड़ा ऐसा
भारत-पाकिस्तान और कुछ अफ्रीकी देशों को छोड़ दें तो दुनिया भर में ज्यादातर देश गिरती प्रजनन दर के गंभीर संकट से जूझ रहा है. यहां तक कि चीन भी इस मामले में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है और उस देश में कामकाजी जनसंख्या का अभाव होता दिख रहे है. पश्चिमी देश इस मामले में पहले से ही पिछड़ रहा है. फ्रांस भी गिरती प्रजनन दर से परेशान है. इसलिए इमानुएल मैक्रो की सरकार ने देश में प्रजनन दर या आबादी को बढ़ाने के लिए 16 सूत्री अभियान का आगाज किया है. इसी कड़ी में राष्ट्रपति 29 साल तक के सभी युवाओं को पत्र लिखने वाला है कि जब तक बच्चा पैदा करने की उम्र हो तब ही अनुकूल समय में बच्चा पैदा कर लें. 29 साल के बाद बच्चा पैदा करने में आने वाली आसन्न कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है. इसलिए सही उम्र में बच्चा पैदा कर लें.
क्या होगा पत्र में
स्काई न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि इस पत्र में लिखा जाएगा कि कहीं ऐसा न हो जाए कि देरी से बच्चा पैदा ही न हो, इसलिए समय रहते बच्चा कर लें. इस पत्र में फर्टिलिटी और एग फ्रिजिंग को लेकर वैज्ञानिक जानकारी होगी. इसमें 16 प्वाइंट में यह समझाया जाएगा कि क्यों 29 साल से पहले बेबी कर लेना चाहिए या एग फ्रीज कर देना चाहिए. फ्रांस में हर 8 में से 1 व्यक्ति फर्टिलिटी की समस्या से जूझ रहा है. जो व्यक्ति 29 साल से पहले एग फ्रीज करा लेगा तो उसे किसी तरह की मेडिकल सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसमें एग यानी अंडा को फर्टिलाइज करने में सरकारी सहायता दी जाएगी. इसके लिए 37 साल तक सोशल सिक्योरिटी कवर दी जाएगी. इसमें मामूली शुल्क लगेगा. पत्र में यह भी होगा कि महिला और पुरुष दोनों में बायलॉजिकल क्लॉक होता है. इसी क्लॉक के हिसाब से बच्चा पैदा करने की उम्र तय होती है. इसी उम्र में बेबी करने का सबसे अनुकूल समय होता है. सरकार की योजना के मुताबिक फ्रांस में फर्टिलिटी केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी. यह भी कहा जा रहा है कि सरकार मातृत्व अवकाश को बढ़ा सकती है. फ्रांस में जनसंख्या को स्थिर रखने के लिए फर्टिलिटी दर 2.1 होनी चाहिए लेकिन यह इससे भी गिरकर 1.56 पर पहुंच गई है. हालांकि यह अब भी चीन, जापान और दक्षिण कोरिया से ज्यादा है जहां प्रजनन दर 1.41 से भी नीचे चली गई है.
क्यों जरूरी है समय पर गर्भधारण
एक महिला के रूप में जब कोई पैदा लेता है तो पैदा लेते ही उसके शरीर में 10-20 लाख अंडा यानी एग होता है. लेकिन जैसे किशोरावस्था की उम्र में आती है यह अंडा 3 से 4 लाख तक ही बच पाते हैं. किशोरावस्था से पहले हर महीने 10 हजार से ज्यादा अंडे खत्म हो जाते हैं. किशोरावस्था के बाद महिलाओं में पीरियड्स शुरू हो जाते हैं और हर पीरियड्स के दौरान लगभह 1 हजार अंडे नष्ट हो जाते हैं. महीने के अंत में सिर्फ एक अंडा मैच्योर्ड होता है और वह प्रजनन योग्य बनता है. आपको जानकर हैरानी होगी कि जन्म के बाद जैसा कि पुरुषों का शरीर स्पर्म बनाता है उस तरह से महिला के शरीर में कोई अंडा नहीं बनता है. गर्भ में ही महिला भ्रुण में अंडा बनकर आता है. इन्हीं अंडों में से नए बच्चे का जन्म होता है. 30 साल की उम्र तक महिलाओं में 1 से 1.5 लाख तक बढ़िया अंडे बचे होते हैं. हर महीने एक परिपक्व अंडा तैयार होता है जो फर्टिलाइजेशन के लिए बहुत मजबूत होता है. 30 साल से पहले इसलिए बच्चा पैदा करने का सबसे अच्छा समय होता है. 30 साल के बाद महिला के शरीर में अंडे का तेजी से विघटन होने लगता है और अंडे की सेहत भी कमजोरी होने लगती है. हालांकि तब भी बच्चा पैदा करने के लिए सही समय हो सकता है. लेकिन 40 साल के बाद बच्चा पैदा करने की संभावना सिर्फ 5 प्रतिशत तक रह जाती है. इसलिए बायलॉजिकल रूप से महिला को 30 साल से पहले बच्चा पैदा करने की सलाह दी जाती है.
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