रसगुल्ला: सादगी में छिपी नजाकत
रसगुल्ला दिखने में जितना सरल लगता है, बनाने में उतना ही ध्यान मांगता है. इसकी मुख्य सामग्री है दूध, नींबू या सिरका (दूध फाड़ने के लिए) और चीनी.
सबसे पहले फुल-फैट दूध को अच्छे से उबाल लें. जब दूध उबलने लगे तो गैस धीमी कर उसमें धीरे-धीरे नींबू का रस डालें. दूध फटकर छेना और पानी अलग हो जाएगा. अब इस छेने को मलमल के कपड़े में छान लें और ठंडे पानी से धो लें ताकि नींबू की खटास निकल जाए.
यहां से असली मेहनत शुरू होती है. छेने को हथेली से लगातार 8-10 मिनट तक मसलना पड़ता है. जब तक वह पूरी तरह चिकना और मुलायम न हो जाए, तब तक रुकना नहीं चाहिए. अगर दाने रह गए तो रसगुल्ले फट सकते हैं. फिर इसकी छोटी-छोटी गोलियां बनाएं.
एक बर्तन में पतली चाशनी तैयार करें चीनी और पानी को उबाल लें. जब चाशनी उबलने लगे तो उसमें ये गोलियां डाल दें. ढककर मध्यम आंच पर 10-15 मिनट पकाएं. रसगुल्ले फूलकर दोगुने हो जाएंगे.
रसगुल्ला बनाते समय आम गलतियां
अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि रसगुल्ले सख्त हो गए या अंदर से कच्चे रह गए. इसका कारण होता है छेने की नमी या ठीक से न मसलना. एक गृहिणी सीमा गुप्ता बताती हैं कि उन्होंने पहली बार में जल्दीबाजी की और रसगुल्ले रबड़ जैसे बन गए. दूसरी बार धैर्य से काम लिया, तो वही रेसिपी परफेक्ट निकली.
गुलाब जामुन: रिच स्वाद की शाही मिठास
-गुलाब जामुन का नाम सुनते ही मुंह में मिठास घुल जाती है. यह मिठाई थोड़ी भारी और रिच होती है. पारंपरिक तरीके में इसे मावा (खोया) से बनाया जाता है, लेकिन आजकल मिल्क पाउडर से भी आसान वर्जन तैयार हो जाता है.
-खोये में थोड़ा मैदा और चुटकीभर बेकिंग पाउडर मिलाकर नरम आटा गूंथ लें. ध्यान रखें, आटा ज्यादा सख्त न हो. अब छोटी-छोटी चिकनी गोलियां बनाएं. अगर दरारें दिख रही हों तो समझिए आटा सूखा है.
-कढ़ाही में घी या तेल को धीमी आंच पर गरम करें. यही सबसे अहम स्टेप है. बहुत तेज आंच पर तलेंगे तो बाहर से भूरे और अंदर से कच्चे रह जाएंगे. धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए सुनहरा भूरा होने तक तलें.
-दूसरी ओर गाढ़ी चाशनी तैयार करें, जिसमें इलायची और चाहें तो केसर डालें. तले हुए गुलाब जामुन को गरम-गरम चाशनी में डालें और कम से कम 1-2 घंटे तक भीगने दें.
गुलाब जामुन की सबसे बड़ी चुनौती
तापमान का संतुलन. कई बार लोग जल्दी में आंच तेज कर देते हैं और जामुन फट जाते हैं. दिल्ली के एक होम बेकर अमित सिंह कहते हैं कि उन्होंने गैस स्लो रखकर और धैर्य से तलना सीखा, तब जाकर परफेक्ट टेक्सचर मिला.
तो घर पर क्या बनाना है आसान?
अगर आप किचन में नए हैं और पहली बार मिठाई बना रहे हैं, तो गुलाब जामुन थोड़ा आसान पड़ सकता है. क्योंकि इसमें छेना मसलने जैसी नाजुक प्रक्रिया नहीं है. हां, आंच का ध्यान जरूर रखना होगा.
रसगुल्ला थोड़ा ट्रिकी है, लेकिन एक बार टेक्निक समझ आ जाए तो मजा आ जाता है. दोनों ही मिठाइयों में धैर्य और संतुलन ही असली सीक्रेट है.
अंत में बात स्वाद की नहीं, अनुभव की है. जिस मिठाई को बनाने में आपको खुशी मिले, वही आपके लिए आसान है.
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