थोड़ा सा ध्यान और दो-तीन आसान देसी तरीके अपनाकर आप अपने कुकर को फिर से पहले जैसा टाइट और सुरक्षित बना सकते हैं, अगर आपके घर का कुकर भी बार-बार सीटी से पहले भाप छोड़ देता है या ढक्कन के किनारे से पानी गिरता है, तो ये आर्टिकल आपके लिए बेहद काम का है.
क्यों होने लगती है कुकर में लीकिंग?
कुकर में लीकिंग कोई बड़ी खराबी नहीं होती. आम तौर पर रोज़ के इस्तेमाल से कुछ हिस्से ढीले या गंदे हो जाते हैं. सबसे ज्यादा दिक्कत ढक्कन की रबर, स्टीम वाल्व और ढक्कन की फिटिंग में आती है. जब ये तीनों सही हालत में नहीं रहते, तो कुकर के अंदर दबाव बन नहीं पाता और भाप बाहर निकलने लगती है.
कुकर को एक चौथाई खाली रखना क्यों जरूरी
बहुत से लोग कुकर को पूरा भर देते हैं, खासकर दाल या चावल बनाते समय. इससे उबलते पानी और झाग का दबाव ढक्कन तक पहुंच जाता है और किनारों से लीकिंग शुरू हो जाती है. हमेशा कुकर का करीब एक चौथाई हिस्सा खाली छोड़ें. इससे भाप को सही जगह मिलती है और ढक्कन पर दबाव नहीं बनता.
रबर (गैस्केट) की जांच और देसी उपाय
कुकर की रबर ही असली सील बनाती है. यही ढक्कन को टाइट रखती है. रोज़ खोलने-बंद करने और गर्मी से रबर ढीली हो जाती है, अगर रबर फैल गई है या सख्त हो गई है तो भाप किनारे से निकलती है.
देसी तरीका
रबर को 5 मिनट ठंडे पानी में रखें, अगर ज्यादा ढीली है तो हल्का सा ठंडा पानी डालकर फ्रिज में 10 मिनट रख दें. इससे रबर थोड़ी सिकुड़ जाती है और फिर से टाइट फिट हो जाती है, अगर रबर फट गई हो या बहुत पतली हो गई हो तो उसे बदलना ही बेहतर है.
स्टीम वाल्व की सफाई बेहद जरूरी
कई बार लीकिंग का कारण ढक्कन नहीं, बल्कि वाल्व में जमी गंदगी होती है. दाल या चावल का स्टार्च सूखकर वाल्व के पास जम जाता है. इससे भाप का रास्ता रुकता है और दबाव किनारे से निकलता है.
कैसे साफ करें
-ढक्कन हटाकर वाल्व निकालें
-टूथपिक या सुई से छेद साफ करें
-गर्म पानी से धो लें
-सूखाकर फिर लगाएं
ये छोटा सा काम कुकर की लीकिंग तुरंत बंद कर सकता है.
ढक्कन सही तरीके से बंद करना भी जरूरी
जल्दी में ढक्कन टेढ़ा लगाना बहुत आम गलती है, अगर ढक्कन का लॉक सही लाइन में नहीं बैठता, तो रबर एक तरफ दबती है और दूसरी तरफ गैप बन जाता है. यही गैप भाप निकलने का रास्ता बन जाता है.
जरूरी टिप्स
ढक्कन घुमाते समय हल्की सी क्लिक जैसी फील आए तो समझिए सही लॉक हुआ है, अगर ढक्कन बंद करते समय जोर लगाना पड़ रहा है, तो पहले रबर और किनारों को साफ करें.
कुकर के किनारे और ढक्कन की सफाई
तेल और मसालों की परत धीरे-धीरे कुकर के किनारों पर जम जाती है. इससे ढक्कन पूरी तरह चिपक नहीं पाता. हर इस्तेमाल के बाद कुकर और ढक्कन की रिंग वाली जगह को अच्छे से धोएं. हफ्ते में एक बार नींबू या सिरके वाले पानी से पोंछें. इससे धातु की सतह साफ रहती है और सीलिंग मजबूत होती है.
कब बदलना जरूरी है कुकर का हिस्सा
अगर बार-बार देसी उपाय करने पर भी लीकिंग बंद नहीं होती, तो ये संकेत है कि कोई हिस्सा घिस चुका है. खासकर ये तीन चीजें समय पर बदलें
-रबर गैस्केट
-सेफ्टी वाल्व
-ढक्कन की फिटिंग
ये हिस्से सस्ते होते हैं और बदलने के बाद कुकर लगभग नया जैसा काम करता है.
सुरक्षित इस्तेमाल के छोटे नियम
-कुकर ज्यादा न भरें
-हर बार वाल्व जांचें
-रबर सूखी रखें
-ढक्कन टेढ़ा न लगाएं
-लीक दिखे तो तुरंत जांचें
इन आदतों से कुकर सालों तक बिना दिक्कत चलता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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