Mosquito Repellent Plants: शाम होते ही कानों के पास भिनभिनाहट शुरू हो जाए तो समझ लीजिए मच्छरों का मौसम दस्तक दे चुका है. कॉइल, लिक्विड या स्प्रे का सहारा लेना अब लोगों को भारी भी पड़ने लगा है और कई घरों में इसकी गंध से परेशानी अलग. ऐसे में अगर कोई आसान, सस्ता और प्राकृतिक तरीका मिल जाए तो कौन नहीं अपनाना चाहेगा. यही वजह है कि इन दिनों घरेलू गार्डनिंग टिप्स फिर चर्चा में हैं. इस आर्टिकल में 4 ऐसे आम पौधों का जिक्र किया है जिनकी खुशबू मच्छरों को घर से दूर रखने में मदद करती है.
घर की बालकनी बनेगी नेचुरल शील्ड मच्छरों को भगाने वाले ये पौधे किसी केमिकल का विकल्प नहीं बल्कि एक नेचुरल बैरियर की तरह काम करते हैं. कई लोग बताते हैं कि जिन घरों की खिड़कियों या दरवाजों के पास ये पौधे होते हैं, वहां शाम के समय मच्छरों की संख्या कम महसूस होती है. असल में इन पौधों की तेज खुशबू मच्छरों की दिशा पहचानने की क्षमता को भ्रमित कर देती है, जिससे वे आसपास भटकते नहीं.

1. गेंदे का फूल: सजावट और सुरक्षा साथ-साथ गेंदे का पौधा लगभग हर भारतीय घर में दिख जाता है, लेकिन कम लोग जानते हैं कि इसकी खुशबू मच्छरों को बिल्कुल पसंद नहीं आती. इसमें पाया जाने वाला प्राकृतिक तत्व पायरथ्रेम कई कीटों को दूर रखने के लिए जाना जाता है. घर के मेन गेट, खिड़की या बालकनी किनारे गेंदा लगाने से मच्छरों का अंदर आना कम हो सकता है.

2. लेमनग्रास: वही खुशबू जो रिपेलेंट में होती है लेमनग्रास की पत्तियों से निकलने वाली नींबू जैसी महक असल में सिट्रोनेला ऑयल का स्रोत है. यही तेल बाजार में मिलने वाली कई मच्छर भगाने वाली क्रीम और मोमबत्तियों में इस्तेमाल होता है. धूप वाली जगह पर रखा लेमनग्रास तेजी से बढ़ता है और इसकी पत्तियां हल्की रगड़ने पर खुशबू और तेज हो जाती है.
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3. तुलसी: पूजा का पौधा, मच्छरों का दुश्मन अक्सर आंगन या खिड़की पर रखा तुलसी का पौधा धार्मिक महत्व के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. इसकी पत्तियों की महक मच्छरों को कड़वी लगती है और कुछ रिसर्च में पाया गया है कि तुलसी के आसपास मच्छरों की गतिविधि कम होती है. दो-तीन गमलों में तुलसी लगाने से हवा के साथ इसकी खुशबू फैलती रहती है.

4. रोजमेरी: हर्ब भी, रिपेलेंट भी रोजमेरी को लोग आमतौर पर किचन हर्ब के तौर पर जानते हैं, लेकिन इसकी लकड़ी जैसी तेज सुगंध भी मच्छरों को पसंद नहीं आती. कई गार्डनिंग प्रेमी बताते हैं कि शाम के समय इसकी टहनी को हल्का सा जलाने पर उठने वाला धुआं मच्छरों को तुरंत दूर करता है. हालांकि इसे सावधानी से ही करना चाहिए.

सही जगह पर लगाना है असली ट्रिक सिर्फ पौधे लगा देना काफी नहीं, उनकी जगह भी मायने रखती है. एक्सपर्ट की सलाह है कि जहां से हवा घर के अंदर आती है, वहां इन पौधों को रखना सबसे असरदार रहता है. जैसे खिड़की की चौखट, दरवाजे का पास या बालकनी रेलिंग. इससे खुशबू हवा के साथ फैलती है और मच्छरों का रास्ता बदल जाता है. कई अपार्टमेंट में रहने वाले लोग बताते हैं कि उन्होंने बालकनी में लेमनग्रास और गेंदा लगाने के बाद मच्छर कम महसूस किए. खासकर शाम के समय खिड़की खुली रखने पर भी पहले जितने मच्छर नहीं आते.

पौधों के साथ ये सावधानी जरूरी गार्डनिंग एक्सपर्ट एक अहम बात पर जोर देते हैं-पौधे मच्छर भगाते जरूर हैं, लेकिन गमलों में पानी जमा हुआ तो उल्टा असर भी हो सकता है. रुका हुआ पानी मच्छरों के अंडे देने की जगह बन जाता है. इसलिए गमले की ट्रे सूखी रखें, मिट्टी को समय-समय पर ढीला करें और सूखे पत्ते हटाते रहें. सफाई और पौधों की खुशबू का यह कॉम्बिनेशन ही असली सुरक्षा देता है. यानी सिर्फ पौधा लगाकर भूल जाना नहीं, उसकी देखभाल भी उतनी ही जरूरी है.

केमिकल से बचाव का बढ़ता ट्रेंड पिछले कुछ सालों में घरों में प्राकृतिक उपाय अपनाने का चलन तेजी से बढ़ा है. खासकर छोटे बच्चों और बुजुर्गों वाले परिवार अब मच्छर भगाने के केमिकल उत्पादों का इस्तेमाल कम करना चाहते हैं. ऐसे में गार्डनिंग आधारित समाधान लोगों को ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ लगते हैं. बगीचे या बालकनी में खुशबूदार पौधे लगाने से न सिर्फ मच्छरों से राहत मिलती है, बल्कि घर का माहौल भी ताजा और हरा-भरा रहता है. यही वजह है कि शहरों में बालकनी गार्डनिंग के साथ मच्छर भगाने वाले पौधों की मांग बढ़ रही है.
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