उबाल से ढीली होगी जिद्दी कालिख
-कड़ाही की बाहरी सतह और हैंडल पर जमा कालिख आमतौर पर जली चिकनाई, धुएं और तेल की परतों से बनती है. यह परत सूखी होने के बाद कठोर हो जाती है, इसलिए सीधे रगड़ने से आसानी से नहीं निकलती. पूनम देवनानी की ट्रिक का आधार है-गर्म पानी में प्राकृतिक क्लीनिंग एजेंट्स का उबाल.
-इसमें सबसे पहले एक बड़ी कड़ाही या भगोना लिया जाता है, जिसमें छोटी गंदी कड़ाही पूरी तरह डूब सके. 3–4 गिलास पानी डालकर उसे उबालने रखा जाता है. जैसे ही पानी उबलने लगता है, उसमें नमक और नींबू का रस मिलाया जाता है. नमक हल्का घर्षण देता है, जबकि नींबू की अम्लीयता चिकनाई को तोड़ती है.
नींबू न हो तो ये विकल्प
अगर घर में नींबू न हो, तो सफेद सिरका भी उतना ही असरदार रहता है. कई लोग पहले से इस ट्रिक को सिरके के साथ आजमा चुके हैं और बताते हैं कि कड़ाही की पुरानी परतें भी ढीली पड़ जाती हैं.
बेकिंग सोडा और डिशवॉश का कमाल
उबलते पानी में अगला कदम है-एक चम्मच बेकिंग सोडा और थोड़ा डिशवॉश लिक्विड. सोडा पानी में मिलते ही झाग बनाता है, जो कड़ाही के कोनों और हैंडल की दरारों में घुसकर जमी गंदगी को फूलने लगता है. वहीं डिशवॉश चिकनाई को पानी में घोल देता है, जिससे वह सतह छोड़ देती है. यही वह चरण है, जहां पूरी सफाई की नींव तैयार होती है. कई गृहिणियां बताती हैं कि पहले जहां उन्हें आधा घंटा रगड़ना पड़ता था, अब उबाल के बाद सिर्फ 3–4 मिनट में सफाई पूरी हो जाती है.
उबालने के दौरान ही दिखेगा असर
अब गंदी कड़ाही को सावधानी से इस घोल में डुबो दिया जाता है. ध्यान रखा जाता है कि हैंडल और बाहरी सतह पूरी तरह पानी में रहे. 10–15 मिनट तक तेज आंच पर उबालने से गर्मी और क्लीनिंग एजेंट्स मिलकर जमी परतों को ढीला कर देते हैं. कुछ देर बाद पानी में काले-भूरे टुकड़े तैरते दिखने लगते हैं-यानी जमी गंदगी अलग हो रही है. यही संकेत है कि रगड़ने का काम अब आसान हो चुका है.
हल्की रगड़, पूरी चमक
-उबाल के बाद कड़ाही को बाहर निकालकर उस पर थोड़ा अतिरिक्त डिशवॉश लगाया जाता है और स्टील वूल या स्क्रबर से हल्के हाथों रगड़ा जाता है. चूंकि गंदगी पहले ही नरम हो चुकी होती है, इसलिए ज्यादा जोर लगाने की जरूरत नहीं पड़ती.
-सफाई के बाद अक्सर लोग हैरान रह जाते हैं-हैंडल की चमक वापस आ जाती है और पिछली सतह लगभग नई जैसी दिखती है. कई घरों में इस ट्रिक को “डबल क्लीनिंग” कहा जाने लगा है, क्योंकि बड़ी कड़ाही भी उबालते-उबालते अंदर से साफ हो जाती है.
बहुत पुरानी कड़ाही के लिए मजबूत उपाय
अगर कड़ाही सालों पुरानी है और कालिख मोटी परत बन चुकी है, तो कुछ लोग उबलते पानी में आधा चम्मच कास्टिक सोडा मिलाने की सलाह देते हैं. यह बेहद शक्तिशाली होता है और जमी हुई परतों को तेजी से तोड़ता है.
सुरक्षा बेहद जरूरी
कास्टिक सोडा का इस्तेमाल करते समय दस्ताने पहनना जरूरी है, क्योंकि यह त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है. सफाई के बाद कड़ाही को अच्छी तरह धोना भी जरूरी है, ताकि कोई अवशेष न रहे.
क्यों असरदार है यह तरीका
इस ट्रिक की सफलता का कारण है-गर्मी, अम्लीयता और क्षारीयता का संयुक्त असर. उबाल चिकनाई को नरम करता है, नींबू या सिरका उसे तोड़ता है और बेकिंग सोडा उसे ढीला कर देता है. इसके बाद हल्की रगड़ ही काफी रहती है. घरेलू सफाई विशेषज्ञ भी मानते हैं कि जली चिकनाई पर सीधे जोर लगाने के बजाय पहले उसे नरम करना ज्यादा प्रभावी तरीका होता है. यही सिद्धांत इस वायरल ट्रिक में अपनाया गया है.
घर-घर में लोकप्रिय हो रही ट्रिक
सोशल मीडिया पर हजारों लोग इस तरीके को अपनाने के बाद अपने अनुभव साझा कर रहे हैं. कुछ ने लिखा कि गैस पर जली कड़ाही भी साफ हो गई, तो कुछ ने कहा कि पुराने हैंडल की चिपचिपाहट पूरी तरह खत्म हो गई.
रोजमर्रा के काम को आसान बनाना ही ऐसी ट्रिक्स की असली वजह है. अब जब बिना ज्यादा मेहनत के कड़ाही चमक सकती है, तो सफाई टालने का बहाना भी खत्म हो जाता है.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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