ओपनएआई ने कुछ चुनिंदा यूजर्स के लिए चैट जीपीटी में विज्ञापनों की टेस्टिंग शुरू कर दी है। कंपनी ने इसका पोस्ट भी जारी किया है। इसी तरह गूगल ने गूगल सर्च और जेमिनी में सीधे खरीदारी का विकल्प जोड़ दिया है। एआई कंपनियों का उद्देश्य है कि यूजर जब एआई से प्रोडक्ट ढूंढे, तुलना करें या सलाह लें और वहीं से खरीद भी सकें। इससे गूगल को एआई के इस्तेमाल से सीधी कमाई का रास्ता मिलेगा। लेकिन ओपनएआई–गूगल के इतर एंथ्रोपिक की पॉलिसी बिल्कुल अलग है। एंथ्रोपिक ने एआई मॉडल्स में विज्ञापनों का विरोध किया है। जानते हैं तीनों कंपनी की स्ट्रेटजी। इन तीन कंपनियों की ये होगी रणनीति ओपनएआई: फ्री यूजर्स भी बंद कर सकेंगे विज्ञापन,पर मैसेज कम मिलेंगे सिर्फ फ्री और गो प्लान के यूजर्स के लिए विज्ञापन होंगे। अन्य प्लान पूरी तरह विज्ञापन-मुक्त रहेंगे। चैट के जवाब में साफ ‘स्पॉन्सर्ड लेबल’ लिखा होगा। विज्ञापन ब्रॉड टॉपिक्स और यूजर के ऐड-इंटरैक्शन के आधार पर चुने जाएंगे। फ्री यूजर भी विज्ञापन बंद कर सकेंगे, लेकिन बदले में रोज के फ्री मैसेज कम मिलेंगे। गूगल: डायरेक्ट ऑफर्स नाम का नया फीचर लॉन्च किया गूगल ने विज्ञापनदाताओं को भेजे एक पत्र में बताया कि सर्च के एआई मोड में नए विज्ञापन के फॉर्मेट टेस्ट किए जा रहे हैं। रिटेलर और ब्रांड अपने प्रोडक्ट सीधे एआई रिजल्ट्स में दिखा सकेंगे। डायरेक्ट ऑफर्स नाम का नया फीचर ब्रांड्स को संभावित ग्राहकों को छूट/डिस्काउंट देने की सुविधा देगा। एंथ्रोपिक: विज्ञापनों से दूरी की रणनीति एंथ्रोपिक ने कहा है कि क्लाउड में पारंपरिक विज्ञापन जोड़ने की कोई योजना नहीं है। कंपनी का मानना है कि चैट के बीच सेल्स पिच या प्रमोशनल मैसेज यूजर के भरोसे को कमजोर करते हैं। कंपनी की कमाई का फोकस सब्सक्रिप्शन और एंटरप्राइज लाइसेंस पर है।
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