जब स्टीव कैहिलेन को क्राफ्ट हाइंज का सीईओ बनाया गया, तो काम साफ था- कंपनी को दो हिस्सों में तोड़ना। लेकिन महज छह हफ्ते के भीतर उन्होंने वह फैसला पलट दिया। उन्होंने बोर्ड को समझाया, वॉरेन बफे के उत्तराधिकारी ग्रेग एबेल को फोन किया और कहा, ‘यह कंपनी ठीक हो सकती है, तोड़ने की जरूरत नहीं है।’ यह कोई छोटा फैसला नहीं था। लगातार 9 तिमाहियों से घटती बिक्री, शेयर में गिरावट और उपभोक्ताओं का सस्ते ब्रांड्स की तरफ जाना, सब कुछ क्राफ्ट हाइंज के खिलाफ था। ऑस्कर मेयर, फिलाडेल्फिया क्रीच चीज, जेल-ओ, कूल-एड जैसे दशकों पुराने ब्रांड्स की पहचान तो है, लेकिन जैसा कैहिलेन खुद कहते हैं, ‘लोग टी-शर्ट खरीदना चाहते हैं, प्रोडक्ट नहीं। हमें दोनों बिकवाने हैं।’ 60 साल के कैहिलेन फूड इंडस्ट्री के पुराने खिलाड़ी हैं। इससे पहले वो केलॉग कंपनी को दो हिस्सों में बांट चुके थे। स्नैक्स वाला हिस्सा केलानोवा बना और मार्स ने उसे 36 अरब डॉलर (अभी के हिसाब से 3.4 लाख करोड़ रुपए) में खरीद लिया। यानी कंपनी तोड़ने का अनुभव उनके पास था, लेकिन इस बार उन्होंने वो नहीं किया जो उनसे उम्मीद थी। उनका तर्क सीधा था- अगर अभी तोड़ा, तो दोनों हिस्से कमजोर निकलेंगे। पहले कंपनी को मजबूत करो, फिर विकल्प खुले रहेंगे। चुनौतियां कम नहीं हैं। वजन घटाने वाली दवाओं ने लोगों की खाने की आदतें बदल दी हैं। अमेरिका में ‘अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड’ पर राजनैतिक बहस छिड़ी है। ईरान युद्ध से तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जो सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकती हैं। कैहिलेन मानते हैं कि बीते 10 वर्षों में कंपनी ने उपभोक्ताओं को नजरअंदाज किया और सिर्फ मुनाफे पर ध्यान दिया। यही सबसे बड़ी गलती थी। लेकिन कैहिलेन आश्वस्त नजर आते हैं।35,000 कर्मचारियों को नई दिशा दी गई है। रिसर्च टीमें प्रोटीन-रिच विकल्पों पर काम कर रही हैं। आर्टिफिशियल कलर और सामग्री हटाने की प्रक्रिया पहले से चल रही थी। कैहिलेन की मां आयरलैंड से थीं और चार बच्चे पालते हुए कॉलेज की डिग्री ली थी। संभवत: यही जिद्द उन्हें विरासत में मिली है। वॉरेन बफे ने 2015 में हाइंज और क्राफ्ट फूड्स का विलय कराया था क्राफ्ट हाइंज दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी फूड एंड बेवरेज कंपनी है। वॉरेन बफे की फर्म बर्कशयर हैथवे और निवेश फर्म 3जी कैपिटल ने 2015 में हाइंज और क्राफ्ट फूड्स का विलय कराया था। कंपनी के पोर्टफोलियो में ऑस्कर मेयर, फिलाडेल्फिया क्रीच चीज, जेल-ओ, कूल-एड, कैप्री सन और हाइंज केचअप समेत दर्जनों ब्रांड हैं। कंपनी के दुनियाभर में 35,000 कर्मचारी हैं और इसका मुख्यालय शिकागो में है। ग्रेज एबेल जो अब बर्कशयर हैथवे के सीईओ हैं, उन्होंने भी कैहिलेन के साथ ही 1 जनवरी को ही नई जिम्मेदारी संभाली है।
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