भारत के स्टैंजिन लुंडुप शुक्रवार को मिलानो कॉर्टिना शीतकालीन ओलंपिक में पुरुषों की 10 किमी फ्रीस्टाइल क्रॉस-कंट्री स्कीइंग स्पर्धा में 104वें स्थान पर रहे।
लुंडुप का भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए चयन विवादों में रहा। वह 28 मिनट 26.7 सेकंड का समय लेकर टेसेरो क्रॉस-कंट्री स्कीइंग स्टेडियम में रेस पूरी करने वाले 111 खिलाड़ियों में से 104वें स्थान पर रहे।
कुल 113 प्रतियोगियों ने रेस शुरू की और 111 ने इसे पूरा किया।
एक रेस पूरी नहीं कर सका जबकि एक अन्य को डिसक्वालीफाई कर दिया गया।
भारतीय सेना के 27 वर्षीय जवान लुंडुप नॉर्वे के स्वर्ण पदक विजेता जोहान्स होसफ्लोट क्लेबो से सात मिनट 50.5 सेकंड पीछे थे। जोहान्स ने 20:36.2 का समय लेकर अपना आठवां शीतकालीन स्वर्ण पदक जीता।
फ्रांस के मैथिस डेसलॉग्स (20:41.1) ने रजत जबकि नॉर्वे के एइनर हेडेगार्ट (20:50.2) ने कांस्य पदक जीता।
भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) द्वारा लुंडुप का चयन विवादों में रहा था। हाल के एक आदेश में दिल्ली उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने माना था कि एक और क्रॉस कंट्री स्कीयर मंजीत ज्यादा योग्य था और रैंकिंग में लुंडुप से दो स्थान ऊपर था और उन्हें शीतकालीन खेलों से बाहर करना स्पष्ट रूप से मनमाना और गलत था।
आईओए ने कहा था कि एथलीट का नाम लंबी सूची में था और उनके हिस्सा लेने की सभी टाइमलाइन खत्म हो चुकी हैं। खेल मंत्रालय ने बाद में सरकार के बिना किसी खर्च के लुंडुप को खेलों में भाग लेने की मंजूरी दे दी।
लुंडुप शीतकालीन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पांचवें क्रॉस-कंट्री स्कीयर हैं।
पहले बहादुर गुरुंग गुप्ता थे जो 2006 में पुरुषों के क्रॉस-कंट्री स्प्रिंट स्कीइंग इवेंट में 78वें स्थान पर रहे थे। ताशी लुंडुप, नदीम इकबाल और जगदीश सिंह अन्य खिलाड़ी हैं।
भारत का अभियान सोमवार को मोहम्मद आरिफ खान के पुरुषों के स्लैलम अल्पाइन स्कीइंग स्पर्धा में हिस्सा लेने के साथ खत्म होगा। यह आरिफ खान का दूसरा शीतकालीन ओलंपिक होगा। इससे पहले उन्होंने बीजिंग 2022 में स्लैलम और जायंट स्लैलम में हिस्सा लिया था।
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