देश की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने नए वित्त वर्ष के लिए युवाओं को बड़े पैमाने पर अवसर देने का संकेत दिया है। कंपनी ने जानकारी दी है कि वित्त वर्ष 2027 के लिए अब तक करीब 25 हजार फ्रेशर उम्मीदवारों को ऑफर दिए जा चुके हैं, जबकि मांग के अनुसार आगे भर्ती और बढ़ाई जा सकती है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के कृतिवासन ने बताया कि भर्ती का फैसला पूरी तरह बाजार की मांग और प्रोजेक्ट की जरूरतों पर निर्भर करेगा। उन्होंने साफ किया कि कंपनी फिलहाल लेटरल हायरिंग पर ज्यादा निर्भर नहीं हो रही और उसका डिलीवरी मॉडल पहले जैसा ही बना हुआ है।
गौरतलब है कि फ्रेशर कर्मचारियों को सीधे प्रोजेक्ट में लगाने से पहले लगभग नौ महीने तक ट्रेनिंग दी जाती है, जबकि अनुभवी कर्मचारियों को तुरंत काम में लगाया जा सकता है। ऐसे में कंपनी जरूरत के हिसाब से दोनों तरह की भर्तियों के बीच संतुलन बनाकर चल रही है।
बता दें कि पिछले कुछ वर्षों से कंपनी हर साल बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार दे रही है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों में हर साल 40 हजार से ज्यादा फ्रेशर भर्ती किए गए हैं और वित्त वर्ष 2026 में यह संख्या करीब 44 हजार रही है, जो निजी क्षेत्र में सबसे ज्यादा मानी जाती है।
वहीं, कर्मचारियों की छंटनी को लेकर भी कंपनी ने स्थिति साफ की है। कृतिवासन ने संकेत दिया कि फिलहाल किसी बड़े स्तर की नई छंटनी की योजना नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कर्मचारी अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो कंपनी में लंबे समय तक बेहतर करियर बना सकते हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार, पिछले साल हुई करीब 12 हजार कर्मचारियों की छंटनी को लेकर उन्होंने कहा कि इसका सीधा संबंध कृत्रिम बुद्धिमत्ता से नहीं था, बल्कि प्रोजेक्ट संरचना में बदलाव के कारण वरिष्ठ स्तर की जरूरत कम हो गई थी।
कंपनी के कारोबार को लेकर भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। कृतिवासन ने बताया कि प्रोजेक्ट पाइपलाइन स्थिर बनी हुई है और खर्च में धीरे-धीरे सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और देशों से मांग बनी हुई है, खासकर लागत कम करने और बदलाव से जुड़े प्रोजेक्ट्स में।
बता दें कि वित्त वर्ष 2026 में कंपनी को करीब 40 अरब डॉलर के सौदे मिले, जिससे यह संकेत मिलता है कि आने वाले समय में काम की निरंतरता बनी रह सकती है। इसके साथ ही कंपनी नई तकनीक, साझेदारी और प्रतिभा विकास में निवेश जारी रखे हुए है।
जानकारों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के चलते आईटी सेक्टर में भर्ती की रफ्तार थोड़ी धीमी जरूर हुई है, लेकिन अब हालात धीरे-धीरे बेहतर होते दिख रहे हैं, जिससे आने वाले समय में रोजगार के और अवसर बढ़ सकते हैं।
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