अक्सर आपने ऐसे व्यक्ति को जरुर देखा होगा कि जिसके सिर या दाढ़ी में गोल पैच हों? एक ही जगह से अचानक से सारे बाल झड़ गए हों। दरअसल, यह एलोपेशिया एरियाटा’ हो सकता है। यह एक प्रकार से ऑटोइम्यून हेयर लॉस कंडीशन है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से हेयर फॉलिकल्स को दुश्मन मानकर उसे नुकासान पहुंचाने लगता है। इस कंडीषसन के कारण सिर से गोल-गोल पैचेज में बाल झड़ने लगते हैं। यह आइब्रो, दाढ़ी और शरीर के सभी अंगों के बालों को भी प्रभावित करते हैं।
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के रिचर्स के मुताबिक, पूरी दुनिया में करीब 2% लोग जीवन में कभी न कभी एलोपेशिया से प्रभावित होते हैं। अमेरिका में ही करीब 68 लाख लोग इस कंडीशन का सामना कर रहे हैं। आइए आपको इस बारे में विस्तार से बताते हैं।
क्या है एलोपेशिया?
असल में एलोपेशिया एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम गलती से अपने ही हेयर फॉलिकल्स (बालों की जड़) पर हमला करने लगता है। इसी वजह से अचानक से बाल झड़ने लगते हैं और गोल या पैची गंजापन दिखने लगते हैं। बता दें कि, यह समस्या कॉस्मेटिक समस्या नहीं, बल्कि एक ऑटोइम्यून कंडीशन है। इतना ही नहीं, इस कंडीशन में बालों की जड़ स्थायी रूप से नष्ट नहीं होती, बल्कि अस्थायी रूप से निष्क्रिय हो जाती है।
एलोपेशिया के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
– एलोपिशिया में अचानक से बाल झड़ने लगते हैं, खासकर के सिक्के के आकार में पैच में। कंघी करते या नहाते समय बाल गुच्छों में झड़ते हैं।
– स्कैल्प में खुजली होना, हल्की जलन या झुनझुनी महसूस होना।
– नाखूनों पर गड्ढे, खुरदरापान या सफेद धब्बे भी दिख सकते हैं। शुरुआत में दर्द नहीं होता है। इसलिए लोग इसे सामान्य हेयर फॉल को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। हालांकि समय पर बीमारी की शिनाख्त इलाज को ज्यादा कारगर बना सकती है।
– नहाते समय बाल झड़ना, भौंह,पलक, दाढ़ी के बाल झड़ना और स्कैल्प में पैचेज बनना
एलोपेशिया होने के संभावित करण
– वैसे तो एलोपेशिया का मुख्य कारण इम्यून सिस्टम का असंतुलन है। इसके पीछे जेनेटिक कारण, तनाव, वायरल इंफेक्शन, हॉर्मोनल बदलाव और अन्य ऑटोइम्यून बीमारियों जिम्मेदार हो सकती हैं।
– न्यूट्रिशन की कमी के कारण एलोपेशिया हो सकता है।
– इसके अलावा, क्रॉनिक स्ट्रेस व क्रॉनिक इन्फेक्शन, या फिर कोई फ्रॉनिक बीमारी और दवाओं के साइड इफेक्ट भी हो सकता है।
एलोपेशिया का इलाज क्या है?
एलोपेशिया का इलाज उसकी स्थिति और गंभीरता के अनुसार तय किया जाता है। आमतौर पर डॉक्टर ऐसी दवाएं देते हैं जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को नियंत्रित करें, जैसे स्टेरॉइड युक्त क्रीम, इंजेक्शन या अन्य औषधियां, जिससे बालों की दोबारा वृद्धि में सहायता मिल सके। कुछ गंभीर मामलों में इम्यूनोथेरेपी या ओरल दवाओं का भी सहारा लिया जाता है। इसके अलावा संतुलित आहार, तनाव कम करना और पर्याप्त नींद लेना भी उपचार प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि ये सभी कारक बालों के स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं।
क्या घरेलू या नेचुरल उपाय एलोपेशिया के इलाज में मदद करते हैं?
वैसे तो घरेलू या नेचुरल उपाय एलोपेशिया का इलाज नहीं, हालांकि सहायक भूमिका निभा सकता है-
– आप संतुलित आहार, प्रोटीन, आयरन, जिंक और विटामिन-डी की पर्याप्त मात्रा जरुरी है।
– इसके अलावा, आप रोजाना योग, ध्यान और स्ट्रेस मैनेजमेंट इम्यून बैलेंस में मदद कर सकते हैं।
– प्याज का रस, एलोवेरा या नारियल तेल स्कैल्प की हेल्थ सुधार सकते हैं, लेकिन ये इम्यून अटैक को नहीं रोकते हैं।
– इन्हें मेडिकल ट्रीटमेंट के विकल्प की बजाय सपोर्ट के रुप में ही अपनाना चाहिए।
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