Success Story: वालइल्डबेरीज (wildberries) की फाउंडर तात्याना की कहानी साबित करती है कि व्यापार शुरू करने के लिए करोड़ों की पूंजी से ज्यादा जरूरी अटूट इच्छाशक्ति और मेहनत है. ₹32,000 से ₹67,000 करोड़ तक का यह सफर दुनिया भर की उन महिलाओं के लिए मिसाल है जो अपने दम पर कुछ बड़ा करना चाहती हैं.
शुरुआती दिनों में तात्याना के पास न तो कोई ऑफिस था और न ही कर्मचारी.
साल 2004 में जब तात्याना अपनी मैटरनिटी लीव पर थीं, तब उनके पति की कमाई इतनी नहीं थी कि उससे उनका घर अच्छे से चल सके. सातवें बच्चे के जन्म के समय आर्थिक तंगी ने उन्हें कुछ नया करने पर मजबूर किया. उन्होंने अपनी ₹32,000 जमा पूंजी से पति व्लादिस्लाव और उनके दोस्त की मदद से एक ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म वालइल्डबेरीज (wildberries) की नींव रखी.
बस और मेट्रो से की डिलीवरी
शुरुआती दिनों में तात्याना के पास न तो कोई ऑफिस था और न ही कर्मचारी. उन्होंने जर्मन रिटेल कंपनी ‘ओटो’ के कपड़े बेचना शुरू किया. वह कपड़ों की फोटो खींचकर अपनी वेबसाइट पर अपलोड करती थीं. जब ऑर्डर आते तो वह खुद ही सामान पैक करतीं और डिलीवरी के लिए निकल पड़ती थीं. तात्याना ने रूस की मेट्रो और बसों में सफर करके ग्राहकों तक घर-घर सामान पहुंचाया. उनके पति व्लादिस्लाव और एक दोस्त ने इस मुश्किल सफर में उनका साथ दिया, लेकिन मेहनत और विजन पूरी तरह तात्याना का था.
आज 10 देशों में कारोबार
आज वाइल्डबेरीज सिर्फ एक वेबसाइट नहीं, बल्कि एक रिटेल दिग्गज है. इसे रूस का अमेजन कहा जाता है. कंपनी के पास 60 हजार से ज्यादा ब्रांड्स के कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स और घरेलू सामान हैं. साल 2023 में कंपनी का रेवेन्यू ₹50,000 करोड़ रहा. तात्याना की काबिलियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन्हें इंटरनेशनल पेमेंट नेटवर्क ‘स्विफ्ट’ की टक्कर का सिस्टम बनाने की बड़ी जिम्मेदारी रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के कुछ समय बाद सौंपी. साल 2025 में तात्याना का अपने पति से तलाक हो गया और कंपनी का 99 फीसदी हिस्सा उन्हें मिला.
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