Women Success Story: मिथिलांचल की पहचान अब सिर्फ मखाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि यहां मशरूम से तैयार हो रहे खास उत्पाद भी नई मिसाल कायम कर रहे हैं. बिरौल प्रखंड की प्रतिभा झा ने ऑर्गेनिक ऑयस्टर मशरूम का अचार बनाकर न केवल एक अलग पहचान बनाई है, बल्कि इसे आमदनी का मजबूत जरिया भी बना लिया है. 100 प्रतिशत शुद्ध और बिना मिलावट के तैयार यह अचार बाजार में खूब पसंद किया जा रहा है, जिसकी बढ़ती मांग उनके सफल उद्यम की कहानी खुद बयां करती है. रिपोर्ट- अभिनव कुमार
मिथिलांचल की धरती अब न सिर्फ मखाने, बल्कि मशरूम की खुशबू से भी महक रही है. जिले के बिरौल प्रखंड की रहने वाली प्रतिभा झा ने अपनी मेहनत और हुनर के दम पर मशरूम को आमदनी का एक शानदार जरिया बना लिया है.

वे पूरी तरह ऑर्गेनिक तरीके से ऑस्टर मशरूम का अचार तैयार कर बाजार में अपनी खास पहचान बना चुकी हैं. उनके इस आचार की इतनी डिमांड है कि सप्लाई कम पड़ रही है.

प्रतिभा झा पिछले 10 वर्षों से मशरूम के अचार के बिजनेस से जुड़ी हुई हैं. उनकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि उनका अचार 100% शुद्ध होता है. वे इसमें किसी भी अन्य सब्जी की मिलावट नहीं करतीं. बाजार में उनके अचार की इतनी मांग है कि वे घर बैठे ही हर महीने 15 से 20 हजार रुपये तक की कमाई कर लेती हैं. इसी आय से वे अपने परिवार का भरण-पोषण बखूबी कर रही हैं.
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प्रतिभा बताती हैं कि मशरूम का अचार बनाने की प्रक्रिया बेहद सावधानी भरी है. सबसे पहले मशरूम को उबालकर, उसमें हल्का नमक और हल्दी मिलाकर धूप में अच्छी तरह सुखाया जाता है.

इसके बाद इसमें धनिया, जीरा, राई, मिर्च, अदरक और हरी मिर्च जैसे पारंपरिक मसालों का मेल किया जाता है. खटास के लिए वे किसी केमिकल की जगह प्राकृतिक नींबू या आम का उपयोग करती हैं.

प्रतिभा के बनाए अचार की कीमत ₹500 प्रति किलो है. वे बताती हैं कि जब उन्होंने पहली बार इसे बाजार में उतारा, तो ग्राहकों का फीडबैक अद्भुत था. लोगों का कहना था कि इसका स्वाद इतना लाजवाब है कि इसकी तुलना किसी अन्य अचार से नहीं की जा सकती. ऑर्गेनिक होने के कारण स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोग इसे हाथों-हाथ खरीदते हैं.
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