Bhagalpur Silk Saree New Design 2026: सिल्क सिटी भागलपुर एक बार फिर अपने नवाचार के कारण चर्चा में है. यहां के बुनकरों ने पारंपरिक तसर मलबड़ी सिल्क साड़ियों को बनारसी लुक में तैयार कर कपड़ा उद्योग में नई पहचान बनाई है. तसर की कोमलता और बनारसी जरी डिजाइन के अनूठे संगम ने इन साड़ियों को शाही अंदाज दे दिया है, जिसकी मांग बिहार ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र, दिल्ली और गुजरात जैसे राज्यों में भी तेजी से बढ़ रही है. रिपोर्ट- सत्यम कुमार
अपनी रेशमी चमक और बेहतरीन बुनावट के लिए दुनिया भर में मशहूर सिल्क सिटी भागलपुर एक बार फिर कपड़ा उद्योग में चर्चा का केंद्र बनी हुई है. यहां के बुनकरों ने अपनी कलाकारी और नवाचार का परिचय देते हुए पहली बार तसर मलबड़ी साड़ी को बनारसी लुक में तैयार किया है.

भागलपुर के पारंपरिक सिल्क और बनारस के वैभवशाली डिजाइन का यह अनूठा संगम महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय हो रहा है. भागलपुर को सिल्क नगरी के रूप में जाना जाता है. जहां का तसर सिल्क देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी पहचान बना चुका है.

बाजार की बदलती मांगों को देखते हुए यहां के बुनकर समय-समय पर नए प्रयोग करते रहते हैं. इसी कड़ी में अब साड़ियों पर बनारसी पैटर्न उकेरा जा रहा है. मलबड़ी सिल्क की कोमलता और बनारसी जरी का काम इन साड़ियों को एक शाही लुक देता है, जो शादियों और खास आयोजनों के लिए महिलाओं की पहली पसंद बन रहा है.
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इस उद्योग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां साड़ियों का डिजाइन तैयार करने के लिए कोई अलग से प्रोफेशनल डिजाइनर नहीं होते. यहां के हुनरमंद बुनकर खुद ही अपनी कल्पनाओं से नए-नए पैटर्न तैयार करते हैं. स्थानीय बुनकर हेमंत बताते हैं कि बाजार में टिके रहने के लिए बदलाव बहुत जरूरी है.

जब साड़ियों में नई झलक आती है, तो न केवल खरीदारों की रुचि बढ़ती है, बल्कि बुनकरों को भी काम करने में नया उत्साह मिलता है. चूंकि हर बुनकर का अपना स्टाइल होता है, इसलिए यहां के डिजाइन एक-दूसरे से काफी अलग और मौलिक होते हैं.

बनारसी लुक वाली इन तसर मलबड़ी साड़ियों की गूंज अब बिहार से बाहर भी सुनाई दे रही है. महाराष्ट्र, दिल्ली और गुजरात जैसे बड़े राज्यों से इन साड़ियों के लिए भारी मात्रा में ऑर्डर मिल रहे हैं. अन्य राज्यों के पैटर्न को भागलपुरी सिल्क पर उतारने का यह प्रयोग सफल साबित हो रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और बुनकरों की आय में भी सुधार की उम्मीद जगी है.
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