क्रिकेट के मैदान पर पाकिस्तानी स्पिनर उस्मान तारिक के अनोखे बॉलिंग स्टाइल की नकल करना एक खिलाड़ी को भारी पड़ गया। श्रीलंका के रिचमंड कॉलेज में खेले गए एक मैच में गेंदबाज नेथुजा बशिथा ने तारिक की शैली अपनाने की कोशिश की, लेकिन अंपायर ने इसे नियमों के खिलाफ मानते हुए गेंद को डेड बॉल करार दिया। यह मैच गॉल में 21 मार्च को रिचमंड कॉलेज और महिंदा कॉलेज के बीच खेला गया था। पाकिस्तानी स्पिनर उस्मान तारिक इन दिनों अपनी अनोखी गेंदबाजी शैली के कारण काफी चर्चा में हैं। हाल ही में समाप्त हुए ICC टी-20 वर्ल्ड कप में उन्होंने अपनी गेंदबाजी से सभी को हैरान कर दिया। तारिक गेंद फेंकने से पहले कुछ सेकंड के लिए रुकते हैं, जिससे बल्लेबाजों को उनके खिलाफ खेलना मुश्किल हो जाता है। श्रीलंकाई बॉलर ने क्या किया?
मैच के दौरान नेथुजा बशिथा ने उस्मान तारिक की तरह रुककर गेंदबाजी करने की कोशिश की। बशिथा अपने रन-अप के दौरान बीच में रुके और कई बार उछलकर गेंद फेंकी। अंपायर ने इसे तुरंत भांप लिया और गेंद को ‘डेड बॉल’ करार दे दिया। दरअसल, अंपायर का मानना था कि यह गेंदबाज के सामान्य बॉलिंग एक्शन का हिस्सा नहीं था, बल्कि बल्लेबाज का ध्यान भटकाने की एक कोशिश थी। क्या कहता है क्रिकेट का नियम?
क्रिकेट के नियमों के अनुसार, अगर कोई गेंदबाज जानबूझकर ऐसी हरकत करता है जिससे बल्लेबाज का ध्यान भटके या उसे परेशानी हो, तो अंपायर उस गेंद को डेड बॉल घोषित कर सकता है। गंभीर मामलों में अंपायर बल्लेबाजी करने वाली टीम को 5 पेनल्टी रन भी दे सकता है। बशिथा के मामले में अंपायर ने इसे अनुचित माना क्योंकि वे जानबूझकर तारिक की स्टाइल कॉपी कर रहे थे। उस्मान तारिक का एक्शन क्यों है लीगल?
टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान जब उस्मान तारिक ने अपनी गेंदबाजी से भारत और इंग्लैंड जैसे बड़े देशों के बल्लेबाजों को परेशान किया था, तब उनके एक्शन पर भी सवाल उठे थे। हालांकि, ICC ने उनके बॉलिंग एक्शन को पूरी तरह ‘लीगल’ यानी वैध बताया है। ICC के अनुसार, रुककर गेंद फेंकना तारिक के स्वाभाविक और नियमित बॉलिंग एक्शन का हिस्सा है, न कि बल्लेबाज को धोखा देने की कोई अलग से की गई कोशिश। वर्ल्ड कप में कैसा रहा पाकिस्तान का सफर?
उस्मान तारिक ने सुपर-8 राउंड तक पाकिस्तान को पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। हालांकि, श्रीलंका के खिलाफ आखिरी सुपर-8 मैच में वे काफी महंगे साबित हुए। पाकिस्तान की टीम इस बार सेमीफाइनल की रेस से बाहर हो गई थी, लेकिन तारिक की गेंदबाजी पूरे टूर्नामेंट में ‘टॉक ऑफ द टाउन’ बनी रही। इसी का नतीजा है कि अब छोटे स्तर के मैचों में युवा खिलाड़ी उनके स्टाइल को अपना रहे हैं।
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