इस्लामाबाद में चल रही अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पाकिस्तान की भूमिका पर तीखा तंज कसा है। थरूर ने कहा कि पाकिस्तान और अमेरिका के बीच पर्दे के पीछे गहरा तालमेल चल रहा है, जिसका उदाहरण पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सोशल मीडिया पोस्ट में दिखता है।
‘ड्राफ्ट’ वाले पोस्ट पर थरूर का निशाना
शशि थरूर ने शहबाज शरीफ की उस वायरल पोस्ट का जिक्र किया, जो उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के लिए लिखी थी। थरूर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि अमेरिका ने ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को यह संदेश पोस्ट करने के लिए कहा था। वरना कोई अपनी पोस्ट में ‘ड्राफ्ट- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का संदेश’ क्यों लिखेगा? इस मैसेज की भाषा और शब्द भी अमेरिकी संलिप्तता की ओर इशारा करते हैं।’ उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि अमेरिका के लिए जो काम पाकिस्तान कर रहा है, वह कोई और नहीं कर सकता।
द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक हालिया रिपोर्ट ने भी थरूर की बातों को मजबूती दी है। रिपोर्ट के अनुसार, शहबाज शरीफ की अपील अचानक नहीं थी, बल्कि यह व्हाइट हाउस के साथ मिलकर किया गया एक कूटनीतिक प्रयास था।
सूत्रों का दावा है कि शरीफ के बयान को जारी करने से पहले व्हाइट हाउस ने उसकी समीक्षा की थी और अपनी मंजूरी दी थी। यह कूटनीतिक तालमेल दिखाता है कि अमेरिका पर्दे के पीछे से पाकिस्तान के जरिए बातचीत की दिशा तय कर रहा है।
भारत के लिए संदेश
शशि थरूर ने यह भी कहा कि भारत को इस मामले में पाकिस्तान के साथ किसी प्रतिस्पर्धा या होड़ की भावना नहीं रखनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि इन कोशिशों से शांति स्थापित होती है, तो यह मायने नहीं रखता कि पहल किसने की। हालांकि, उन्होंने सचेत किया कि यदि शांति के ये प्रयास विफल होते हैं, तो उसके कारणों का गहराई से विश्लेषण करना बेहद जरूरी होगा।
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