13 फरवरी को आईटी इंडेक्स लगातार तीसरे दिन बड़ी गिरावट के साथ करीब 5% टूट गया, क्योंकि एआई आधारित ऑटोमेशन से भारतीय आईटी के बिजनेस मॉडल पर असर की आशंका बढ़ गई है.
अमेरिकी शेयर बाजार में भी भारी गिरावट
इससे पहले 12 फरवरी को भी इसमें 5.5% की गिरावट आई थी. अमेरिका में टेक शेयरों वाला नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स भी 2% से ज्यादा गिरा, क्योंकि निवेशक अमेरिकी महंगाई आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जो ब्याज दरों की दिशा तय कर सकते हैं. जनवरी के मजबूत अमेरिकी जॉब्स डेटा ने जल्द दर कटौती की उम्मीदों को कमजोर किया है. रिलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा के अनुसार, आईटी शेयरों में तेज गिरावट से फिलहाल बाजार के बुल्स बैकफुट पर आ गए हैं.
भारतीय शेयर बाजार की बात करें तो निफ्टी में आज SBI Life Insurance, Eternal, Tata Consumer, Bharti Airtel और HDFC Life टॉप गेनर्स में शामिल रहे, जबकि Infosys, TCS, HCL Technologies, Hindalco और Wipro टॉप लूजर्स में शामिल है.
एक्सपर्ट ने बताया मार्केट का हाल
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा बाजार इस समय उतार-चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है, जिससे निवेशकों में घबराहट हो सकती है, हालांकि इसमें मौके भी छिपे हैं. अमेरिका में एआई शेयरों में बिकवाली की उम्मीद थी, लेकिन इसका समय और असर कितना होगा, यह साफ नहीं था. नैस्डैक में 2.04% की गिरावट कोई बड़ी क्रैश नहीं है, लेकिन अगर गिरावट जारी रही तो अमेरिकी बाजार और नीचे जा सकता है.
भारतीय बाजार के लिए एआई शेयरों में यह गिरावट कुछ हद तक पॉजिटिव है, क्योंकि पिछले साल की वैश्विक तेजी मुख्य रूप से एआई थीम पर आधारित थी, जिसमें भारत ज्यादा हिस्सा नहीं ले पाया. इसलिए अगर एआई ट्रेड में गिरावट जारी रहती है तो यह भारत के नजरिए से ठीक हो सकता है. फिलहाल भारतीय बाजार को जो सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहा है, वह आईटी शेयरों में भारी बिकवाली है, जो इंडिया इंक का दूसरा सबसे बड़ा मुनाफा देने वाला सेक्टर है. ‘एंथ्रोपिक शॉक’ का आईटी सेक्टर पर असली असर अभी स्पष्ट नहीं है, इसलिए इस समय घबराकर बिकवाली करना सही रणनीति नहीं होगी. निवेशकों को स्थिति साफ होने तक इंतजार करना चाहिए.
इस उतार-चढ़ाव का इस्तेमाल अच्छे क्वालिटी ग्रोथ शेयरों को जोड़ने के लिए किया जा सकता है, खासकर वे कंपनियां जिनके तीसरी तिमाही के नतीजे मजबूत रहे हैं. ऑटो सेक्टर बेहतर नतीजों और ग्रोथ संभावनाओं के कारण मजबूत रह सकता है, इसलिए इस सेक्टर में गिरावट खरीदारी का मौका दे सकती है.
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