Muthoot Finance Share Price: 13 फरवरी 2026 को Muthoot Finance के शेयर में करीब 12.6% की तेज गिरावट आई और यह बीएसई पर 3553.40 रुपये तक लुढ़क गया, जिससे मार्केट कैप घटकर 1.44 लाख करोड़ रुपये रह गया. पिछले छह महीनों में शेयर लगभग 43% गिर चुका है. हालांकि दिसंबर 2025 तिमाही के नतीजे बेहद मजबूत रहे. स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 94.9% बढ़कर 2656.4 करोड़ रुपये हो गया, जबकि नेट इंटरेस्ट इनकम 64% बढ़कर 4467 करोड़ रुपये पहुंची. ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी 64% बढ़कर 7242.7 करोड़ रुपये रहा.
कंपनी ने तीसरी तिमाही में शानदार कमाई दिखाई. स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी तिमाही से 94.9 प्रतिशत बढ़कर 2656.4 करोड़ रुपये हो गया जो पहले 1363 करोड़ था. नेट इंटरेस्ट इनकम 64 प्रतिशत बढ़कर 4467 करोड़ रुपये हो गई जो पहले 2721 करोड़ थी. ऑपरेशंस से रेवेन्यू भी 64 प्रतिशत बढ़कर 7242.7 करोड़ रुपये पहुंच गया. लोन ग्रोथ तिमाही आधार पर 11 प्रतिशत और सालाना आधार पर 51 प्रतिशत रही. लेकिन गोल्ड टनेज में तिमाही आधार पर 2 प्रतिशत की गिरावट आई.
किस वजह से आई शेयर्स में गिरावट?
शेयर में इतनी गिरावट आने की वजह निवेशकों की चिंता है कि क्या यह तेज कमाई लंबे समय तक बनी रहेगी. लोन टू वैल्यू रेशियो थोड़ा कम हुआ है. कोर नेट इंटरेस्ट मार्जिन में तिमाही आधार पर गिरावट आई है. साथ ही गोल्ड की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्राहकों की संख्या में धीमी बढ़ोतरी से भी डर है. कुछ लोग कह रहे हैं कि मुनाफा ज्यादा रिकवरी और लिखे गए ब्याज से आया है न कि कोर बिजनेस की मजबूती से. लेकिन ब्रोकरेज फर्मों का नजरिया अब भी पॉजिटिव है.
ब्रोकरेज फर्म ने बताया अब क्या करें निवेशक?
ब्रोकरेज फर्म आगे और तेजी की उम्मीद कर रहे हैं. जेफरीज ने ‘बाय’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस 4750 रुपये रखा है. उनका कहना है कि तिमाही का मुनाफा अनुमान से ज्यादा था. स्टैंडअलोन एसेट अंडर मैनेजमेंट 51 प्रतिशत सालाना बढ़ा. ऑपरेटिंग खर्च और क्रेडिट कॉस्ट एसेट के प्रतिशत में उम्मीद से बेहतर रहे. वे FY26-28 में EPS में 17 प्रतिशत की CAGR और 25 प्रतिशत से ज्यादा रिटर्न ऑन इक्विटी की उम्मीद कर रहे हैं. NIM स्थिर रहने और खर्च कम होने से फायदा होगा.
सीएलएसए ने ‘आउटपरफॉर्म’ रेटिंग बरकरार रखी और टारगेट प्राइस 4600 रुपये कर दिया. उनका कहना है कि NII, PPOP और नेट प्रॉफिट अनुमान से 6-8 प्रतिशत ज्यादा था. लोन ग्रोथ 11 प्रतिशत तिमाही और 51 प्रतिशत सालाना रही जो अनुमान से थोड़ा बेहतर है. बिजनेस मॉडल में हाई फिक्स्ड कॉस्ट की वजह से ऑपरेटिंग लिवरेज है. लेकिन गोल्ड टनेज में 2 प्रतिशत गिरावट और ग्राहक ऐडिशन धीमा होना नेगेटिव पॉइंट है.
कुल मिलाकर नतीजे अच्छे हैं लेकिन बाजार ने अभी कमाई की क्वालिटी और भविष्य पर सवाल उठाए हैं. ब्रोकरेज का मानना है कि सोने की मजबूत कीमतें, अच्छा LTV बफर और ब्रांच एक्सपैंशन से आगे ग्रोथ जारी रहेगी. निवेशकों को सलाह है कि गिरावट में मौका देखें क्योंकि ब्रोकरेज टारगेट प्राइस 4600-4750 रुपये के आसपास हैं जो अभी के स्तर से काफी ऊपर है.
(Disclaimer: यहां बताए गए स्टॉक्स ब्रोकरेज हाउसेज की सलाह पर आधारित हैं. यदि आप इनमें से किसी में भी पैसा लगाना चाहते हैं तो पहले सर्टिफाइड इनवेस्टमेंट एडवायजर से परामर्श कर लें. आपके किसी भी तरह के लाभ या हानि के लिए News18 जिम्मेदार नहीं होगा.)
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