दिल्ली पुलिस ने शाहदरा से ‘ड्रग्स क्वीन’ के नाम से मशहूर कुसुम को अरेस्ट किया। उस पर 50 हजार रुपए का इनाम था। शाहदरा पुलिस के मुताबिक, वह दो महीने से कुसुम की तलाश कर रही थी और गुरुवार को जब वह शाहदरा आई, तो पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। मीडिया को जानकारी शनिवार को दी। इसे अरेस्ट करने के लिए पुलिस ने 200 से अधिक CCTV और 100 से ज्यादा मोबाइल फोन के कॉल रिकॉर्ड तलाशे। कुसुम पर 2003 से 2024 के बीच NDPS एक्ट (ड्रग्स से जुड़े मामलों) के तहत 11 केस दर्ज हैं। पुलिस ने यह भी बताया कि कुसुम लगातार ठिकाने बदलती रहती थी। कई बार पुलिस के पहुंचने से कुछ मिनट पहले ही वह फरार हो जाती थी। वह स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करती थी और बार-बार सिम कार्ड बदलती रहती थी। बेटियां भी ड्रग्स व्यापार में शामिल ड्रग्स के व्यापार में कुसुम के साथ उसकी बेटियां भी शामिल थीं। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी बेटियां दीपा और चीकू को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा उसका भाई हरिओम और सहयोगी रवि भी उसके साथ पकड़े गए। कुसुम ने दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके से छोटे स्तर पर ड्रग्स बेचने का काम शुरू किया था। रोहिणी कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। कुसुम दिल्ली से कई राज्यों में ड्रग्स का नेटवर्क चला रही थी। गिरफ्तारी के बाद भी उसने भागने की कोशिश की, लेकिन उसे पकड़ लिया गया। NDPS एक्ट के तहत 20 साल तक की सजा NDPS एक्ट (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985) के जरिए नशीली दवाओं और ड्रग्स के सेवन, उत्पादन, बिक्री और तस्करी पर कार्रवाई की जाती है। ये कानून गांजा, अफीम,चरस और हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों पर पूरी तरह पाबंदी लगाता है। इस कानून तहत दोषी साबित होने तक निर्दोष मानने के बजाय, यह मान लिया जाता है कि आरोपी को नशीले पदार्थ की जानकारी थी, और खुद को बेगुनाह साबित करने की जिम्मेदारी आरोपी की होती है। NDPS एक्ट के तहत 1 साल से 20 साल की जेल, जुर्माना और फांसी की सजा हो सकती है।
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