टीम इंडिया को तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब दिलाने में अहम भूमिका संजू सैमसन ने निभाई। सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन को इसका इनाम भी मिला। हाल में समाप्त हुए प्रतियोगिता में संजू सैमसन को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब मिला। इसी के साथ उन्होंने एक अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया।
सैमसन पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने आईसीसी के पुरुष या महिला वर्ग के किसी टूर्नामेंट में अपनी टीम की तरफ से चार मैच नहीं खेलने के बावजूद प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार हासिल किया। उनसे पहले चार खिलाड़ी ही ऐसे थे, जिन्होंने अपनी टीम के सभी मैच नहीं खेलने के बावजूद टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार जीता था। हालांकि, इन खिलाड़ियों ने अपनी टीम की तरफ से केवल एक-एक मैच नहीं खेला था।
प्रतियोगिता के शुरू होने पर सैमसन रन बनाने के लिए जूझ रहे थे और इसलिए उन्हें शुरुआती मैचों में अंतिम एकादश में नहीं चुना गया था। उन्हें बीच में अभिषेक शर्मा के अस्वस्थ होने के कारण एक मैच खेलने का मौका मिला लेकिन उसके बाद उन्हें बाहर कर दिया गया था। सुपर आठ में साउथ अफ्रीका से बड़ी हार के बाद भारत ने अपनी शीर्ष क्रम में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की अधिकता को देखते हुए दाएं हाथ के बल्लेबाज सैमसन को मौका दिया और केरल के इस खिलाड़ी ने इसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।
सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ क्वार्टर फाइनल की तरफ बने मैच में नाबाद 97 रन बनाए। इसके बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 और फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में भी 89 रन बनाकर भारत कोजीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसके लिए उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.