रूस सरकार ने मंगलवार को लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप और टेलीग्राम को ब्लॉक करने की कोशिश की है। विशेषज्ञों और आलोचकों का मानना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य रूस के अपने खुद के प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा देना और इंटरनेट स्पेस पर सरकारी नियंत्रण को और कड़ा करना है। रूस फिलहाल ‘मैक्स’ नाम के एक सरकारी सपोर्टेड ऐप को प्रमोट कर रहा है, जिसे आलोचक एक सर्विलांस टूल मान रहे हैं।
व्हाट्सएप की कड़ी प्रतिक्रिया
व्हाट्सएप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान जारी कर इस कदम की आलोचना की है। कंपनी ने कहा कि इस ब्लॉक से 100 मिलियन (10 करोड़) से ज्यादा यूजर्स अपनों से अलग-थलग पड़ जाएंगे। व्हाट्सएप के मुताबिक, लोगों को एक सुरक्षित प्लेटफॉर्म से हटाकर सरकारी सर्विलांस ऐप पर ले जाने की कोशिश एक ‘उल्टा कदम’ है, जिससे रूस के नागरिकों की ऑनलाइन सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि वे यूजर्स को कनेक्टेड रखने के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं।
इसे भी पढ़ें: Trump को सरेआम ललकारने वाले शख्स की होने वाली है भारत में एंट्री, मोदी से होगी खास मीटिंग
टेलीग्राम का बयान और रूस का रुख
दूसरी तरफ, टेलीग्राम के फाउंडर पावेल डुरोव ने इसे एक ‘तानाशाही कदम’ बताया है। उन्होंने साफ किया कि रूस की इस दबाव की राजनीति से कंपनी का रास्ता नहीं बदलेगा और वे यूजर प्राइवेसी और आजादी के लिए खड़े रहेंगे। हालांकि, रूस के अधिकारियों ने इन आरोपों को गलत बताया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव का कहना है कि अगर मेटा रूसी कानूनों का पालन करती है और अधिकारियों से बातचीत करती है तो समझौता होने की संभावना है, वरना ऐप की वापसी का कोई चांस नहीं है।
Discover more from Hindi News Blogs
Subscribe to get the latest posts sent to your email.