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ऑस्ट्रेलियाई संसद की सीनेट एस्टिमेट्स समिति की बैठक में सोमवार को उस वक्त माहौल बेहद असहज और हैरान करने वाला हो गया, जब चर्चा बजट और सुरक्षा से हटकर सीधे संसद भवन के बाथरूम तक जा पहुंची. लिबरल सीनेटर जेन ह्यूम ने संसद भवन के जिम और वॉशरूम की सुविधाओं में एक ऐसी ‘यौन विसंगति’ की ओर इशारा किया, जिसने वहां मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों और नेताओं को बोलती बंद कर दी. मामला संसद के जिम में रखे कंडोम की उपलब्धता से जुड़ा था.
ऑस्ट्रेलिया की संसद में कंडोम पर बहस
कंडोम पर महिला सांसद के सवाल ने मचाई हलचल
दरअसल, लिबरल सीनेटर जेन ह्यूम (Jane Hume) ने संसद भवन के जिम के वॉशरूम में कंडोम की उपलब्धता में एक अनोखी विसंगति की ओर इशारा किया. सीनेटर ह्यूम ने बताया कि संसद भवन के जिम में महिलाओं के चेंजिंग रूम में तो कंडोम उपलब्ध हैं, लेकिन पुरुषों के चेंजिंग रूम में नहीं. उन्होंने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे सेक्शुएल हेल्थ की पूरी जिम्मेदारी केवल महिलाओं पर डाल दी गई है, जबकि पुरुषों को इसके लिए बराबर का जिम्मेदार नहीं माना जा रहा.
सवाल की शुरुआत: सीनेटर जेम्स मैकग्राथ संसद भवन के जिम के कामकाज के घंटों में कटौती और करीब 1.5 करोड़ डॉलर की लागत से 11 सुइट्स के नवीनीकरण पर सवाल पूछ रहे थे. इसी दौरान सीनेटर ह्यूम ने कंडोम वाला मुद्दा उठाया.
बगलें झांकने लगे नेता
विभागीय सचिव निकोला हिंडर ने इस गड़गड़ी को मान लिया है और ये भी कहा है कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी. उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी जोड़ा कि यह अच्छी बात है कि महिलाएं अपने यौन स्वास्थ्य का ख्याल रख रही हैं. सीनेटर ह्यूम ने जवाब में कहा, ‘मैं बस यह सोच रही हूं कि पुरुष भी अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं उठा रहे हैं’?
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