1. हर बात में बेवजह का मजाक (The Habit of Excessive Joking)
हंसी-मजाक जीवन का हिस्सा है और यह माहौल को खुशनुमा बनाता है, लेकिन इसकी भी एक सीमा होती है. अगर आप हर गंभीर मुद्दे या हर चर्चा के बीच में मस्ती-मजाक करने लगते हैं, तो लोग आपको ‘नॉन-सीरियस’ मान लेते हैं. खासकर ऑफिस या मीटिंग्स में आपकी यह आदत आपको एक वीक पर्सनैलिटी के रूप में पेश करती है. लोग आपसे जरूरी सलाह लेना बंद कर देते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि आप हर बात को हल्के में उड़ा देंगे.
सुधार: मजाक करें, लेकिन समय और स्थान का ध्यान रखें. गंभीर चर्चाओं में अपनी समझदारी का परिचय दें.
2. समय की कद्र न करना (Disregarding the Value of Time)
वक्त की अहमियत न समझने वाला व्यक्ति कभी दूसरों की नजरों में महान नहीं बन सकता. चाहे ऑफिस की डेडलाइन हो या किसी से मिलने का वादा, अगर आप हमेशा देरी से पहुँचते हैं, तो आप यह संदेश देते हैं कि आपकी नजर में सामने वाले के समय की कोई कीमत नहीं है. धीरे-धीरे लोग आप पर भरोसा करना छोड़ देते हैं और आपको गैर-जिम्मेदार मान लिया जाता है.
सुधार: पंचुअल (Punctual) बनें. समय पर काम पूरा करना आपकी विश्वसनीयता (Credibility) को कई गुना बढ़ा देता है.
3. अपनी बात से पलट जाना (Inconsistency in Thoughts)
एक मजबूत व्यक्तित्व की पहचान उसकी ‘जुबान’ होती है. जो लोग सुबह कुछ और कहते हैं और शाम को अपनी बात से मुकर जाते हैं, लोग उन्हें कभी सम्मान की नजर से नहीं देखते. अगर आप बार-बार अपनी राय बदलते हैं या दूसरों के प्रभाव में आकर अपने फैसले बदल लेते हैं, तो आपकी अपनी कोई स्टैंडिंग नहीं रह जाती. लोग आपको ‘बिन पेंदे का लोटा’ समझने लगते हैं.
सुधार: बोलने से पहले सोचें और एक बार जो फैसला ले लें, उस पर अडिग रहें.
4. एक बुरा श्रोता होना (Being a Poor Listener)
ज्यादातर लोग सिर्फ बोलने के लिए सुनते हैं, समझने के लिए नहीं. अगर आप सामने वाले की बात पूरी होने से पहले ही उन्हें काट देते हैं या उनकी बातों पर ध्यान नहीं देते, तो आप उन्हें अपमानित महसूस कराते हैं. बातचीत (Communication) हमेशा दोतरफा होना चाहिए. दूसरों को अनसुना करना आपके अहंकार या अज्ञानता को दर्शाता है.
सुधार: ‘Active Listener’ बनें. जब आप दूसरों को ध्यान से सुनते हैं, तो उन्हें सम्मान महसूस होता है और बदले में वे भी आपको इज्जत देते हैं.
5. कमजोर बॉडी लैंग्वेज (Negative Body Language)
बातचीत के दौरान नजरें चुराना, बहुत ज्यादा हाथ-पैर हिलाना, कंधे झुकाकर बैठना या घबराहट दिखाना यह संकेत देता है कि आपमें आत्मविश्वास की कमी है. एक आत्मविश्वासी व्यक्ति की बॉडी लैंग्वेज शांत और स्थिर होती है. अगर आपकी बॉडी लैंग्वेज में आत्मविश्वास नहीं है, तो लोग आपकी बातों पर यकीन नहीं करेंगे.
सुधार: बात करते समय नजरें मिलाकर (Eye Contact) बात करें, सीधे खड़े हों और चेहरे पर एक सौम्य मुस्कान रखें.
याद रखें कि इज्जत कमाई जाती है, मांगी नहीं जाती. आपकी आदतें ही तय करती हैं कि लोग आपके कमरे में आने पर खड़े होंगे या आपको अनदेखा कर देंगे. आप आज से ही इन 5 नकारात्मक आदतों को त्याग देते हैं और आत्मविश्वास के साथ अपने व्यवहार में सुधार लाते हैं, तो आपकी खोई हुई इज्जत न केवल वापस आएगी, बल्कि लोग आपकी मिसाल देने लगेंगे.
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