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Tribal Rasbhari Chutney Recipe: यह ट्राइबल रसभरी चटनी झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक स्वाद को दिखाती है. रसभरी एक खट्टा देसी फल है जिसका स्वाद टमाटर जैसा होता है. मसालों को दरदरा पीसकर और रसभरी को हल्का क्रश करके यह चटनी बनाई जाती है. इसमें सरसों का तेल डालने से इसका स्वाद और भी देसी हो जाता है. यह चटनी दाल चावल और रोटी के साथ बहुत अच्छी लगती है और गर्मियों में खास तौर पर बनाई जाती है.
Tribal Rasbhari Chutney Recipe: भारत के जंगलों और आदिवासी इलाकों में मिलने वाले कई देसी फल ऐसे हैं जिनका स्वाद शहरों तक कम ही पहुंच पाता है, लेकिन जो लोग इन्हें जानते हैं वे इनके दीवाने होते हैं. रसभरी भी ऐसा ही एक छोटा सा फल है जो गर्मियों में झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के इलाकों में खूब मिलता है. बाहर से हल्का पीला या नारंगी और अंदर से रस से भरा हुआ यह फल स्वाद में खट्टा होता है, बिल्कुल टमाटर जैसा लेकिन उससे भी ज्यादा देसी और तेज.

ट्राइबल समुदाय इसे अपने रोज के खाने में कई तरह से इस्तेमाल करते हैं, खासकर चटनी के रूप में. रसभरी की चटनी खट्टी, हल्की मीठी और तीखी तीनों स्वाद का शानदार मेल है. इसे बनाना बहुत आसान है और कम सामग्री में तैयार हो जाती है. अगर आप अपने खाने में कुछ नया और अलग स्वाद जोड़ना चाहते हैं तो यह ट्राइबल रसभरी फ्रूट चटनी जरूर ट्राई करें.

रसभरी चटनी बनाने के लिए सबसे पहले 200 ग्राम रसभरी लें और उसका पतला कागज जैसा<br />छिलका पूरी तरह हटा दें. इसके बाद इन्हें साफ पानी से अच्छे से धो लें ताकि मिट्टी या धूल पूरी तरह निकल जाए. अब हर रसभरी को हल्के हाथ से दबाकर थोड़ा सा क्रश कर लें. ध्यान रखें कि इसे पूरी तरह मसलना नहीं है, बस इतना दबाएं कि उसका रस हल्का सा बाहर आए और फल हल्का फट जाए. इससे चटनी में अच्छा टेक्सचर आएगा और फल का असली स्वाद बना रहेगा.<br />(जरूरी सामग्री<br />200 ग्राम रसभरी (छिलका हटाकर धो लें)<br />1 से 2 सूखी लाल मिर्च<br />2 लहसुन की कलियां<br />आधा छोटा चम्मच भुना जीरा<br />स्वाद अनुसार नमक<br />1 छोटा चम्मच सरसों का तेल<br />1 से 2 बड़े चम्मच पानी)
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अब एक तवा या पैन हल्का गरम करें और उसमें एक से दो सूखी लाल मिर्च और आधा छोटा चम्मच जीरा डालकर सूखा भून लें. इसमें तेल डालने की जरूरत नहीं है. जब मसालों से हल्की खुशबू आने लगे तो गैस बंद कर दें. ज्यादा देर तक भूनने से मसाले जल सकते हैं और चटनी का स्वाद कड़वा हो सकता है. भुने हुए मसालों को पूरी तरह ठंडा होने दें.

इसके बाद मिक्सर या सिल बट्टे पर भुनी हुई लाल मिर्च, जीरा, दो लहसुन की कलियां और स्वाद अनुसार नमक डालें. इसमें बहुत कम पानी मिलाएं, बस इतना कि मसाला पीसने में आसानी हो. इस मसाले को दरदरा पीसें. चटनी का असली स्वाद इसी दरदरेपन में है. इसे बिल्कुल स्मूद पेस्ट की तरह न बनाएं.

अब तैयार मसाले में क्रश की हुई रसभरी डालें और मिक्सर में बस एक या दो बार पल्स चलाएं. ध्यान रखें कि रसभरी पूरी तरह घुल न जाए. इसमें छोटे छोटे टुकड़े दिखने चाहिए. यही इसका खास देसी टेक्सचर है जो इसे अलग बनाता है. जब चटनी तैयार हो जाए तो इसमें एक छोटा चम्मच कच्चा सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह मिला दें. सरसों का तेल इस चटनी में अलग ही खुशबू और स्वाद जोड़ देता है. अंत में नमक चख लें और जरूरत हो तो थोड़ा और मिला सकते हैं.

यह ट्राइबल रसभरी चटनी गरम चावल, दाल भात, रोटी या पराठे के साथ बहुत स्वादिष्ट लगती है. गांवों में इसे सादा भात के साथ खाया जाता है. अगर रसभरी ज्यादा खट्टी हो तो आप इसमें एक चुटकी गुड़ भी मिला सकते हैं, इससे स्वाद संतुलित हो जाएगा. यह चटनी ताजा ही सबसे अच्छी लगती है, लेकिन फ्रिज में रखने पर दो दिन तक आराम से चल सकती है.
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